गरियाबंद। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों-अधिकारियों और गरियाबंद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सागौन तस्करी के साथ ही वन्यजीव शिकार से जुड़े मामलों में एक बार फिर बड़ी सफलता मिली। टीम ने सूचना के आधार पर ओडिसा सीमा से लगे दक्षिण उदंती क्षेत्र के साहेबिनकछार गांव में दबिश देकर भारी मात्रा में राष्ट्रीयकृत सागौन से बने कई फर्नीचर बरामद किए गए। उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने साहेबिनकछार गांव के कई संदिग्धों के घरों में सर्च वारंट के तहत छापेमारी की। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ आरोपियों ने अपने घरों और बाड़ियों में गड्ढे खोदकर तो कुछ ने घर के पीछे पानी से भरे तालाब नुमा सागौन स्लीपर, बीजा स्लीपर और हाथ आरा छिपा दिए थे, जिन्हें वन अमले ने बरामद कर जब्त किया। कार्रवाई के दौरान कुल 193 नग सागौन स्लीपर, 2.4523 घन मीटर सागौन लकड़ी तथा बाद की कार्रवाई में 2.114 घन मीटर अतिरिक्त लकड़ी जब्त की गई। जब्त वनोपज की कुल मात्रा 4.56 घन मीटर आंकी गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है। वन विभाग के अनुसार, आरोपियों द्वारा कार्रवाई के डर से सागौन चिरान को तालाब और बाड़ियों में छिपाया गया था, जिसे स्निफर डॉग “टीना” की मदद से खोजकर जब्त किया गया। चार आरोपियों से अवैध सागौन लकड़ी तथा तीन आरोपियों से वन्यप्राणी शिकार में प्रयुक्त सामग्री, जिसमें जाल, पोटाश बम और अन्य उपकरण शामिल हैं, बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक पेट्रोल चालित आरा मशीन और तीन बड़े हाथ आरे भी जब्त किए गए हैं। Post Views: 118 Please Share With Your Friends Also Post navigation कूकदा डैम में दर्दनाक हादसा, रायपुर से पिकनिक मनाने आए युवक-युवती की डूबने से मौत बाघों के खाल की तस्करी करते दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार