गरियाबंद। देवभोग नगर पंचायत कार्यालय में वेतन भुगतान को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। नगर पंचायत के सीएमओ कक्ष के अंदर अकाउंटेंट और इंजीनियर के बीच जमकर हाथापाई हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद नगर पंचायत कार्यालय में तनाव का माहौल बन गया है और कर्मचारी संगठन भी खुलकर इस विवाद में उतर आए हैं। जानकारी के अनुसार घटना 7 मई की शाम करीब 5 बजे के बाद की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नगर पंचायत के कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन 1 मई तक जारी नहीं हो पाया था। 7 मई तक भी वेतन भुगतान नहीं होने से नगर पंचायत में पदस्थ इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक नाराज थे। इसी बात को लेकर उन्होंने नगर पंचायत के अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को सीएमओ के कक्ष में चर्चा के लिए बुलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि इंजीनियर के साथ मौजूद कुछ सहयोगियों ने अकाउंटेंट के साथ कथित तौर पर हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर ने भी जवाब में मारपीट की। देखते ही देखते सीएमओ कक्ष विवाद का केंद्र बन गया और वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। नगर पंचायत जैसे सरकारी कार्यालय में इस तरह की घटना को लेकर लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद देवभोग पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज सहित अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, मामले में अब कर्मचारी यूनियन भी सक्रिय हो गई है। कर्मचारी संगठन ने अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के पदाधिकारी थाने पहुंचे और इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकारी कार्यालय में किसी कर्मचारी के साथ मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कर्मचारी संगठन धरना-प्रदर्शन करेगा। दूसरी ओर नगर पंचायत के कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने भी घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि देवभोग नगर पंचायत को हमेशा शांतिप्रिय निकाय के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन हालिया घटना ने उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया है।नगर पंचायत प्रशासन से जुड़े लोगों ने भी कार्यालय के भीतर हिंसक माहौल बनाने वालों को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कार्य संस्कृति बनाए रखना जरूरी है, ताकि आम जनता का भरोसा प्रशासन पर कायम रह सके। Post Views: 19 Please Share With Your Friends Also Post navigation सरकारी दुकानों में शराब नहीं, बाहर ब्लैक में बिक्री, 80 रुपए का क्वार्टर 200 में बिका