नई दिल्ली। गुलाब-गेंदा जैसे फूलों की खुशबू से घर में ताजगी और खुशबू तो आती ही है, लेकिन इसके साथ ही इन फूलों का इस्तेमाल खाने में करके स्वास्थ्य के कई लाभ भी ले सकते है। ये फूल भीषण गर्मी में राहत देते है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखते है और तनाव कम करके मूड अच्छा करते है। कई कलिनरी होटल्स है, जहां फूलों का इस्तेमाल बड़े ही करीने से खाने की सजावट में किया जाता है, जो बेहद खूबसूरत लगते है। ऐसे ही फूलों की बात करेंगे-

गुलाब: खाने के लिए देशी गुलाब का उपयोग किया जाता है। इन फूलों से एंटी-ऑक्सीडेंट, डाइजेस्टिव फाइबर, स्कीन गलोइंग प्रॉपर्टीज, एंटी इंफ्लेमेटरी और मूड को अच्छा रखा जा सकता है। गुलाब के फूल से बने गुलकंद का सेवन करने से गर्मी से बचा जा सकता है।

गेंदा: गेंदे के फूल की चाय पीने से या इसे पीसकर इसका लेप लगाने से सूजन में आराम मिलता है। इसके पेस्ट को चेहरे पर लगाने से कील मुंहासे भी गायब हो जाते है। यह एक डिटॉक्सिफाइंग है, इसके रस के सेवन से शरीर डिटॉक्सिफाइ होता है।

लैवेंडर: लैवेंडर के अनेकों फायदे है। इसका इस्तेमाल केक, कुकीज, आइसक्रीम से लेकर अरोमाथेरेपी में भी किया जाता है। खाने की सुंदरता को बढ़ाने में इसका अधिक उफयोग किया जाता है। इसके अलावा डिप्रेशन, बालों का झड़ना, माइग्रेन, फंगल इंफेक्शन, घाव के भरने व त्वचा रोग समेत कई चीजों में यह बेहद उपयोगी है।

महुआ के फूल: महुआ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, उतर प्रदेश, गुजरात ये लेकर तमिलनाडु तक पाया जाता है। मार्च से मई माह तक आने वाले इसके फूल से टॉनिक, जैम, तेल व आटा (जिससे ब्रेड बनाए जाते है) बनाए जाते है। महुआ के तेल में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल से भी अधिक फ्री रेडिकल्स होते है, जो अस्थमा, टॉन्सिलाइटस व हार्ट हेल्थ में उपयोगी होते है।

मोरिंगा के फूल: मोरिंगा के फूल को सुपरफूड कहा जाता है। इसका इस्तेमाल कई प्रकार से किया जाता है, जैसे- दाल के साथ, सब्जी की तरह, परांठे, चाय व पकौड़े की तरह। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, पोटेशियम और प्रोटीन होता है, जो कुपोषण, शरीर में सूजन को कम करता है और शरीर में एक मैकेनिज्म तैयार करता है, जिससे बीमारियों से लड़ने में शक्ति मिलती है।

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By Chhattisgarh Kranti

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