बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य और शहरों की बदहाल सड़कों की स्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत ने राज्य सरकार को लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने विशेष रूप से नेहरू चौक से पेंड्रीडीह तक सड़क पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने को कहा है। मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से हाईकोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत किया गया। इसमें बताया गया कि राज्य में लंबित सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ नई स्वीकृत परियोजनाओं पर भी काम जारी है। प्रशासन ने अदालत को जानकारी दी कि NIT रायपुर की तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और आगे की प्रक्रिया जारी है। हालांकि अदालत सरकार की इस दलील से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से केवल अध्ययन, सर्वे और तकनीकी परीक्षण के नाम पर समय व्यर्थ किया गया है, जबकि दूसरी ओर खराब सड़कों के कारण आम लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने कहा कि जर्जर सड़कों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और मरम्मत में अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने प्रशासन से पूछा कि यदि समस्या लंबे समय से सामने थी, तो समाधान में इतनी देरी क्यों हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई और योजनाओं की घोषणा से लोगों को राहत नहीं मिल सकती, बल्कि जमीनी स्तर पर काम दिखाई देना चाहिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। कोर्ट का मानना है कि कई बार सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही खराब हो जाती हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होती है और जनता को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अदालत ने सरकार से सड़क परियोजनाओं की निगरानी मजबूत करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। राजधानी रायपुर सहित राज्य के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। बारिश के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में हाईकोर्ट की सख्ती को आम लोगों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई अब 1 जुलाई को निर्धारित की गई है। अदालत ने तब तक प्रशासन से सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। हाईकोर्ट के इस रुख के बाद अब संबंधित विभागों पर सड़क निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ गया है। Post Views: 25 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ पुलिस ने 4 हजार से ज्यादा बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया, पांच वर्षों में 87 हजार से अधिक गुम इंसानों की हुई बरामदगी रायपुर में IPL मैच देखने जाने वालों के लिए जरुरी खबर, इन सामानों पर रहेगा प्रतिबंध, घर से निकलने से पहले पढ़ लें एडवायजरी