रायपुर। महिला आरक्षण बिल के लोकसभा से पारित नहीं होने के विरोध में बीजेपी की ओर से शहर-शहर प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी रायपुर में इसे लेकर भाजपा ने रैली निकालकर विरोध जताया। इस दौरान सीएम साय ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा ऐलान किया। सीएम साय ने बताया कि महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पारित कराने में विपक्ष ने सहयोग नहीं किया। इस संबंध में छत्तीसगढ़ विधानसभा एक निंदा प्रस्ताव पारित करेगा। इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह सत्र इसी महीने की 29 तारीख से पहले बुलाई जाएगी। यह विशेष सत्र एक दिवसीय होगा। रैली के दौरान सीएम साय ने कहा कि मोदी जी लगातार महिलाओं के हित में निर्णय लिए है। कांग्रेस और विपक्ष ने विधेयक को पास होने नहीं दिया। छत्तीसगढ़ में हमारी माता बहनें आक्रोशित हैं। देश की जनता का विश्वास NDA और मोदी पर है। बता दें कि बीतें दिन संसद के विशेष सत्र के दौरान लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हुआ था। इसमें महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे बातों का जिक्र था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया। कब-कब बुलाया गया विधानसभा का विशेष सत्र! 3 जून 2013 (प्रथम विशेष सत्र): यह सत्र बस्तर की झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं और अन्य लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए बुलाया गया था।अक्टूबर 2019 (द्वितीय विशेष सत्र): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर गांधी जी के सिद्धांतों और उनके छत्तीसगढ़ आगमन पर चर्चा के लिए यह सत्र आयोजित हुआ था। 18 नवंबर 2025 (तृतीय विशेष सत्र): यह सत्र छत्तीसगढ़ राज्य के गठन और संसदीय यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण (रजत जयंती) होने के उपलक्ष्य में बुलाया गया था। Post Views: 11 Please Share With Your Friends Also Post navigation प्रेमी के घर में युवती ने लगाई फांसी, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल