रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। पहले चरण में प्रदेश के 30 सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। जानकारी के अनुसार, जिन सरकारी कॉलेजों में 3,000 से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। इन संस्थानों को आधुनिक संसाधनों और तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि छात्र राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें। उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किए जाने वाले कॉलेजों में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल स्किलिंग, डेटा एनालिटिक्स, कोडिंग और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े विषयों की शिक्षा दी जाएगी। इससे छात्रों को तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। योजना के तहत चयनित कॉलेजों में हाई-स्पीड इंटरनेट, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक कंप्यूटर लैब और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों से अध्ययन और शोध के बेहतर अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ना है। इसी के तहत कॉलेजों में ऐसे पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे जो सीधे रोजगार और कौशल विकास से जुड़े हों। उद्योग जगत की मांग के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा। साथ ही ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं अपने कॉलेजों में उपलब्ध हो सकेंगी। राज्य सरकार की यह योजना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा। Post Views: 12 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG कैबिनेट की कल अहम बैठक: 5 लाख कर्मचारियों को मिल सकती है कैशलेस इलाज की सौगात… CG News : सड़क निर्माण कार्य में जुटे श्रमिकों पर हाथी ने किया हमला, दो मजदूरों की मौत