क्या बिना गांठ के भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है? जानिए महिलाओं को किन 7 चेतावनी संकेतों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

जब ब्रेस्ट कैंसर की बात आती है, तो सबसे पहले मन में गांठ का ख्याल आता है. लेकिन, क्या ब्रेस्ट कैंसर के हर मामले में गांठ महसूस होती है? इसका जवाब है – नहीं. जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अदिति मित्तल का कहना है कि कुछ मामलों में, बिना किसी साफ गांठ के भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है. शुरुआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर में अक्सर कोई साफ लक्षण नहीं दिखते, जबकि कुछ खास तरह के कैंसर में गांठ के बजाय स्किन, निप्पल या ब्रेस्ट के आकार में बदलाव दिख सकते हैं.

ब्रेस्ट कैंसर के हर मामले में गांठ होना जरूरी नहीं है, और यह बीमारी बिना किसी महसूस होने वाली गांठ के भी हो सकती है. मेडिकल भाषा में, इसे ‘एसिम्प्टोमैटिक’ (बिना लक्षणों वाला) माना जा सकता है या इसमें कुछ खास तरह के कैंसर शामिल हो सकते हैं, जैसे इन्फ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर, जिनमें गांठ के अलावा दूसरे शारीरिक बदलाव पहले दिखाई देते हैं.

इसलिए, महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ गांठों की जांच तक ही सीमित न रहें, बल्कि अपने स्तनों में किसी भी असामान्य बदलाव पर ध्यान दें. खासकर इन 7 संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए…

ब्रेस्ट की त्वचा में गड्ढे पड़ना या सिकुड़न आना

अगर ब्रेस्ट की त्वचा पर अचानक छोटे गड्ढे, कसाव वाली जगहें या सिकुड़न दिखाई दे, तो इसकी जांच करवानी चाहिए. कभी-कभी, त्वचा का टेक्सचर संतरे के छिलके जैसा भी हो सकता है.

ब्रेस्ट की त्वचा का लाल होना या रंग बदलना

अगर ब्रेस्ट की त्वचा बिना किसी साफ वजह के लाल, गहरे रंग की या असामान्य दिखे, तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है. डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर तब जब यह बदलाव बना रहे या इसके साथ दूसरे लक्षण भी हों.

ब्रेस्ट के साइज में अचानक सूजन या बदलाव

अगर एक ब्रेस्ट अचानक दूसरे के मुकाबले बड़ा या ज्यादा सूजा हुआ दिखे, या उसके आकार में साफ बदलाव दिखे, तो इसे सिर्फ सामान्य असंतुलन मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ ब्रेस्ट कैंसर में बिना किसी गांठ के भी सूजन हो सकती है.

निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना

अगर निप्पल पहले सामान्य था लेकिन अचानक अंदर की ओर मुड़ने लगा है या उसकी दिशा बदल गई है, तो मेडिकल जांच जरूरी है.

निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज

प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के अलावा, निप्पल से किसी भी तरह का असामान्य तरल पदार्थ निकलने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए, खासकर अगर उसमें खून हो. हालांकि, निप्पल डिस्चार्ज के कैंसर के अलावा भी कई कारण हो सकते हैं.

निप्पल पर या उसके आस-पास की त्वचा पर लगातार रैश, खुजली या पपड़ी जमना

निप्पल या एरियोला (निप्पल के आस-पास का घेरा) में किसी भी असामान्य और लगातार बने रहने वाले बदलाव की जांच करवानी चाहिए. हर रैश कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार बने रहने वाले बदलावों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है.

कांख (बगल) में सूजन या गांठ जैसा महसूस होना

ब्रेस्ट के अलावा, कांख में नई सूजन या गांठ जैसा महसूस होना भी ब्रेस्ट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है और इसके लिए मेडिकल जांच की जरूरत होती है.

मुख्य बातें

यह समझना भी जरूरी है कि इनमें से कोई भी लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि आपको ब्रेस्ट कैंसर ही है. ब्रेस्ट में कई बदलाव बिना कैंसर वाली (बिनाइन) वजहों से भी हो सकते हैं. फिर भी, अगर आपको कोई नया या असामान्य बदलाव दिखे जो बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.

इसके अलावा, सिर्फ लक्षणों के दिखने का इंतजारर करना काफी नहीं है. चूंकि शुरुआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर में कभी-कभी कोई लक्षण नहीं दिखते, इसलिए डॉक्टर की सलाह से अपनी उम्र और व्यक्तिगत रिस्क फैक्टर के आधार पर ब्रेस्ट कैंसर की जरूरी स्क्रीनिंग करवाना बहुत जरूरी है.

याद रखें कि ब्रेस्ट कैंसर की पहचान सिर्फ गांठ होने से ही नहीं होती. अपने ब्रेस्ट में किसी भी नए या असामान्य बदलाव को पहचानना और समय पर डॉक्टर की सलाह लेना, बीमारी का पता लगाने और इलाज की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है.

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By Chhattisgarh Kranti

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