रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने हर शनिवार को सुबह की पाली में चलने वाले स्कूलों को अब बाकी दिनों की तरह दोपहर की पाली में लगाने का आदेश जारी कर दिया है। अब इस नए फरमान ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस नये आदेश से पूरे प्रदेश के स्कूलों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि शनिवार को दिन की पाली (10 बजे से 4 बजे तक) में स्कूल लगने से ‘बैगलेस डे’ और खेल-कूद जैसी सह-शैक्षणिक गतिविधियों का पूरा सिस्टम ही बिगड़ जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन ने 1 सितंबर 2018 को एक स्थायी आदेश जारी किया था। जिसमें पूरे प्रदेश में हर शनिवार को सुबह की पाली में स्कूल संचालित करने का नियम बनाया था। इसके पीछे सोच यह थी कि शनिवार को सुबह 8 से 12 बजे तक कक्षाएं लगेंगी, जिससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ योग, शारीरिक शिक्षा और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘बैगलेस डे’ (बिना बस्ते का दिन) की एक्टिविटी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। DPI अफसरों के इस फैसले के बाद प्रदेशभर के स्कूलों में समय सारिणी को लेकर हड़कंप मच गया है। इस अव्यवस्था की अशंका को देखते हुए अब यह मामला स्कूल शिक्षा मंत्री के पास पहुंच गया है। शिक्षक प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र सौंपकर अफसरों के इस नए आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। संघ का आग्रह है कि शनिवार को सुबह 8 से 12 बजे तक की पुरानी व्यवस्था को ही लागू रखा जाए। Post Views: 33 Please Share With Your Friends Also Post navigation इस विभाग में अधिकारियों के हुए तबादले, 30 अधिकारी किये गये इधर से उधर धरना पर बैठे पूर्व सीएम भूपेश बघेल, बोले- जब तक FIR नहीं होगी, हम उठने वाले नहीं