रायपुर। पिछले 13 साल में छत्तीसगढ़ में कर्ज लेने और जमा करने की स्थिति बढ़ी है। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बना, लेकिन वर्ष 2013 से स्टेट लेबल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) में इसका रिकार्ड दर्ज होना शुरू हुआ। वर्ष 2013 में 49,094.75 करोड़ रुपए लोन दिया गया था। जो वर्ष 2026 में बढ़कर 2,77,723.79 करोड़ रुपए तक बढ़ गया है। इसी तरह 13 साल पहले 87,338.98 करोड़ रुपए जमा किए थे, जो अब बढ़कर 3,18,076.97 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की आबादी 3.25 करोड़ अनुमानित है। इस लिहाज से छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति लोन 85,453.47 रुपए और जमा 97,869.84 रुपए बढ़ा है। जमा करने और कर्ज लेने (सीडी अनुपात) के मामले में छत्तीसगढ़ देश में गुजरात के बाद 83.54 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर पहुंच गया है। इस तरह वर्ष 2013 में जहां हमारा सीडी अनुपात 60 फीसदी था, जो बढ़कर 83.54 हो गया है। इस तरह प्रति व्यक्ति जमा और ऋण के बीच 12,416.37 रुपए का अंतर है। एसएलबीसी के अनुसार प्रदेश के 33 में से 2 जिलों में जमा से 100% से अधिक कर्ज लिया गया। राजधानी रायपुर 129.08 फीसदी के साथ सबसे आगे, दंतेवाड़ा 109.37 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है। Post Views: 17 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG BREAKING: भीषण गर्मी के चलते स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित, 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे शिक्षण कार्य