आज के दौर में डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती है. सुस्त जीवनशैली और खान-पान की बदलती आदतें इस बीमारी के बढ़ने का कारण बन रही हैं. डायबिटीज के मरीजों को कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा रहता है. लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहने से किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी जाने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज से दिल की बीमारी और हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है. हाई ब्लड शुगर, इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है और दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. सर गंगा राम हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में हार्ट फेलियर प्रोग्राम के डायरेक्टर डॉ. अश्विन मेहता कहते हैं कि डायबिटीज दिल की बीमारी का एक बड़ा कारण है क्योंकि लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर दिल और खून की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है. डायबिटीज शरीर में हाइपरग्लाइसेमिया (ब्लड शुगर का हाई लेवल), इंसुलिन रेजिस्टेंस और पूरे शरीर में सूजन (सिस्टमिक इन्फ्लेमेशन) पैदा करके नुकसान पहुंचाती है. इससे ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचता है, इस स्थिति को एंडोथेलियल डिसफंक्शन कहते हैं, जो ग्लूकोटॉक्सिसिटी और नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी से होती है. असल में, ग्लूकोटॉक्सिसिटी और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत में नाइट्रिक ऑक्साइड का प्रोडक्शन कम हो जाता है. स्थिति कब और भी खतरनाक हो सकती हैउन्होंने कहा है कि अगर डायबिटीज के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का लेवल भी बढ़ जाता है, तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है. डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई ट्राइग्लिसराइड का एक साथ होना ‘डायबिटिक डिस्लिपिडेमिया’ कहलाता है. इस स्थिति में खून की नसों में प्लाक जमा होने लगता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा, डायबिटीज के साथ हाई ब्लड प्रेशर और कई दूसरी परेशानियां भी हो सकती हैं, जो हार्ट अटैक के खतरे को और बढ़ा देती हैं. डायबिटीज के मरीजो को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है.डॉ. मेहता ने बताया कि कई स्टडीज से पता चलता है कि लंबे समय में डायबिटीज के कारण दिल से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और डायबिटीज वाले लोगों में आम लोगों की तुलना में हार्ट अटैक आने का खतरा काफी अधिक होता है. इतना ज्यादा कि अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है, तो उसका इलाज ऐसे किया जाना चाहिए जैसे कि उसे पहले से ही कोरोनरी आर्टरी डिजीज हो या उसे मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हार्ट अटैक) आ चुका हो. इसे ‘मायोकार्डियल रिस्क इक्विवेलेंट’ कहा जाता है. डायबिटीज साइलेंट हार्ट अटैक’ का एक प्रमुख कारण है कुछ डायबिटीज मरीजों को तो यह पता भी नहीं चलता कि उन्हें दिल की बीमारी है. 45 साल के एक डायबिटीज मरीज का उदाहरण देते हुए डॉ. मेहता ने बताया कि उस व्यक्ति को अपने दिल को हुए नुकसान के बारे में पता नहीं था और वह यह सोचकर इमरजेंसी डिपार्टमेंट पहुंचा था कि उसे पेट की कोई तकलीफ या गैस्ट्रिक परेशानी है. 45 साल के इस मरीज को पेट के ऊपरी हिस्से में तेज बेचैनी (एपिगैस्ट्रिक डिस्कम्फर्ट) महसूस हो रही थी, जिसे उसने बहुत ज्यादा फैटी और मसालेदार खाना खाने की वजह से हुई गैस समझा. इमरजेंसी डिपार्टमेंट पहुंचने पर उसका ECG किया गया, जिसमें कुछ गड़बड़ियां पाई गईं. उसे पहले कभी हार्ट अटैक या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं हुई थी. हालांकि, उसे लगभग 10 साल से डायबिटीज थी और वह अपनी दवाएं ठीक से नहीं ले रहा था. बाद में हुई एंजियोग्राफी से पता चला कि उसकी तीनों कोरोनरी आर्टरीज पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी थीं, और सिर्फ एक आर्टरी में बहुत छोटे से रास्ते से खून बह रहा था. डॉ. मेहता ने कहा कि उसे बाईपास सर्जरी की जरूरत थी. दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षणों का पता नहीं चल पाता मरीज को इस बात की चिंता थी कि बिना किसी शुरुआती लक्षण के उसे यह परेशानी कैसे हो सकती हैं. असल में, ऐसा रातों-रात नहीं होता, और डायबिटीज के मरीजों में यह ज्यादा आम है. नसों को नुकसान पहुंचने के कारण दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षणों का पता नहीं चल पाता. डायबिटीज वाले लोगों में, दिल के दर्द का संकेत देने वाली नसें डैमेज हो जाती हैं, जिससे उनका अंदरूनी वॉर्निंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है. उन्हें तब तक कोई दर्द महसूस नहीं होता जब तक कि असल में हार्ट अटैक न आ जाए. नतीजतन, उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनके दिल को नुकसान पहुंच रहा है. नियमित रूप से दिल की जांच करवाना बेहद जरूरी इस स्थिति को देखते हुए, डॉक्टर ने डायबिटीज वाले लोगों के लिए नियमित रूप से दिल की जांच करवाने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि डायबिटीज के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके मरीज समय-समय पर दिल की जाच करवाएं. Post Views: 7 Please Share With Your Friends Also Post navigation हर खांसी को मामूली समझने की कभी नहीं करें भूल, किसी गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत