रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र में पर्यटन विकास पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के पास गुजरात के केवड़िया मॉडल पर टेंट सिटी विकसित करने की तैयारी की जा रही है। देश का बड़ा औद्योगिक घराना टाटा समूह बस्तर और सरगुजा में पर्यटन निवेश के लिए आगे आया है। निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए राज्य सरकार पर्यटन नीति में संशोधन की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट स्तर पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। 9 एकड़ भूमि पर टेंट सिटी विकसित करने का प्रस्ताव- सूत्रों के अनुसार, राज्य पर्यटन मंडल ने चित्रकोट जलप्रपात के समीप करीब 9 एकड़ भूमि पर टेंट सिटी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। बताया जा रहा है कि पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा और अधिकारियों की टीम ने गुजरात स्थित टेंट सिटी नर्मदा का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं और पर्यटन सुविधाओं का अध्ययन किया है। यह टेंट सिटी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित है और पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है। बस्तर का प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी संस्कृति को मिलेगी ब्रांडिंग- बस्तर में शांति बहाली के बाद पर्यटन की नई संभावनाएं खुली हैं। यहां के जलप्रपात, प्राकृतिक सौंदर्य और आदिवासी संस्कृति देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर सकती है। केंद्र सरकार भी बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार को सहयोग दे रही है और विभिन्न परियोजनाओं के प्रस्ताव मांगे गए हैं। इधर, टाटा समूह ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स और होटलों को लीज पर लेकर विकसित करने में रुचि दिखाई है। वर्तमान में पर्यटन मंडल के पास 17 होटल और रिसॉर्ट संचालित हैं। पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बताया कि समूह के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और अंतिम निर्णय राज्य शासन स्तर पर लिया जाएगा। कई निजी निवेशकों ने पर्यटन परियोजनाओं में दिखाई दिलचस्पी- सूत्रों का कहना है कि टाटा समूह ने केवल होटल और रिसॉर्ट संचालन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में हवाई संपर्क सुविधाओं को विकसित करने की इच्छा भी जताई है। वहीं मेफेयर होटल्स एंड रिसॉर्ट्स ने भी बस्तर क्षेत्र में नए होटल और रिसॉर्ट विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा सरगुजा और जशपुर क्षेत्र में भी कई निजी निवेशकों ने पर्यटन परियोजनाओं में दिलचस्पी दिखाई है। Post Views: 24 Please Share With Your Friends Also Post navigation एक साथ दो परीक्षाएं होने से छात्रों की बढ़ी परेशानी, शिक्षा मंत्री से की परीक्षा तिथि बदलने की मांग SDO से लेकर ENC तक सभी को मुख्यालय में रहना होगा, PWD ने दिये निर्देश, ठेकेदारों को हर महीने होगा भुगतान