नई दिल्ली: अक्सर आपने बड़े-बुजुर्गों को कहते सुना होगा कि ‘ज्यादा गुस्सा मत करो, दिमाग की नस फट जाएगी।’ आम बोलचाल में कही जाने वाली यह बात कोई कोरी अफवाह या सिर्फ डराने का तरीका नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा और डरावना वैज्ञानिक सच छिपा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अचानक और अत्यधिक गुस्सा करने से दिमाग की नस सच में फट सकती है, जिसे मेडिकल साइंस की भाषा में ब्रेन एन्यूरिज्म का फटना (Ruptured Brain Aneurysm) और इसके कारण होने वाले ब्रेन हेमरेज के रूप में जाना जाता है। क्या होता है ब्रेन एन्यूरिज्म? ब्रेन एन्यूरिज्म दिमाग के अंदर मौजूद रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) की दीवार में आने वाली एक कमजोरी है। इस कमजोरी के कारण नस का वह हिस्सा एक छोटे गुब्बारे या पोटली की तरह बाहर की ओर फूल जाता है। जब तक यह शांत रहता है, व्यक्ति को इसके बारे में पता भी नहीं चलता। लेकिन जैसे ही इस पर दबाव बढ़ता है, इसके फटने का खतरा पैदा हो जाता है। गुस्सा कैसे बनता है विलेन? विज्ञान की नज़र से समझें चिकित्सकों के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को अचानक बहुत तेज़ गुस्सा आता है, तो उसके शरीर में ‘स्ट्रेस हार्मोन’ (जैसे एड्रेनालाईन) का स्तर तेजी से बढ़ता है। इसके परिणामस्वरूप: ब्लड प्रेशर में अचानक उछाल: गुस्से के कारण दिल की धड़कन बढ़ जाती है और रक्तचाप (Blood Pressure) अचानक से बहुत हाई हो जाता है। नसों का कड़ा होना: रिसर्च बताते हैं कि अत्यधिक गुस्से के दौरान दिमाग की नसें सिकुड़ और सख्त हो जाती हैं। नस का फटना: जब अचानक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिमाग की उस पहले से कमजोर और फूली हुई नस (एन्यूरिज्म) से टकराता है, तो वह दबाव को झेल नहीं पाती और फट जाती है। इससे दिमाग के अंदर ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने लगता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज अगर गुस्से या भारी तनाव के बाद निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए: अचानक होने वाला असहनीय और तीव्र सिरदर्द (ऐसा दर्द जो पहले कभी न हुआ हो) गर्दन में तेज अकड़न और दर्द धुंधला दिखाई देना या एक की जगह दो चीजें दिखना (Double Vision) अचानक चक्कर आना, उल्टी होना या मतली महसूस होना बोलने में दिक्कत होना या अचानक बेहोश हो जाना बचाव के लिए क्या करें? एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आता है, तो इसे हल्के में न लें। अपनी जीवनशैली में योग, ध्यान (Meditation) और गहरी सांस लेने के व्यायाम को शामिल करें। इसके अलावा, यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो नियमित रूप से जांच करवाएं और दवाइयां समय पर लें। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचें, क्योंकि ये आदतें भी दिमाग की नसों को कमजोर करती हैं। Post Views: 2 Please Share With Your Friends Also Post navigation सर्दियों में सेहत का स्वाद: जानिए मेथी के साग के संभावित फायदे और जरूरी सावधानियां