नई दिल्ली। अक्सर यह माना जाता है कि आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स का मुख्य कारण नींद की कमी या अत्यधिक थकान है। वर्षों से हमारे बुजुर्गों और प्रचलित मान्यताओं ने हमें यही सिखाया है कि यदि आप पर्याप्त आराम नहीं करेंगे तो आपकी आंखों के नीचे बैग्स बन जाएंगे। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नींद की कमी एक सामान्य कारण जरूर है लेकिन यह एकमात्र कारण नहीं है। आंखों के नीचे की त्वचा बहुत नाजुक होती है और यहां होने वाले बदलावों के पीछे कई छिपे हुए कारण हो सकते हैं। इस स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए इसके सही कारणों को समझना बेहद जरूरी है। जेनेटिक्स है डार्क सर्कल्सडार्क सर्कल्स का एक सबसे आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला कारण जेनेटिक्स है। यदि आपके माता-पिता को डार्क सर्कल्स की समस्या रही है तो इस बात की प्रबल संभावना है कि आपमें भी यह समस्या विकसित हो सकती है। ऐसे मामलों में आंखों के नीचे की त्वचा स्वाभाविक रूप से पतली होती है जिससे नीचे की रक्त वाहिकाएं अधिक दिखाई देने लगती हैं और वह हिस्सा गहरा नजर आता है। बढ़ती उम्र और त्वचा में बदलावउम्र बढ़ना भी डार्क सर्कल्स का एक बड़ा कारक है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है त्वचा अपना कोलेजन और लचीलापन खोने लगती है जिससे त्वचा और पतली हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप आंखों के नीचे का हिस्सा धंसा हुआ और छायादार दिखाई देने लगता है जो अक्सर काले घेरों और सूजन का कारण बनता है। वसा की कमी और शरीर में तरल पदार्थों का रुकना इस स्थिति को और भी खराब कर सकता है। एलर्जी और आंखों को मलने की आदतविभिन्न प्रकार की एलर्जी जैसे एलर्जिक राइनाइटिस, आंखों के नीचे सूजन और रंग फीका पड़ने का कारण बन सकती हैं। जब हमें एलर्जी होती है तो हम अक्सर आंखों में खुजली महसूस करते हैं और उन्हें बार-बार मलते हैं। आंखों के आसपास की त्वचा अत्यंत नाजुक होती है और इसे बार-बार रगड़ने से जलन और सूजन बढ़ सकती है जिससे डार्क सर्कल्स और अधिक स्पष्ट हो जाते हैं। डिहाइड्रेशन और खान-पान का असरशरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी एक प्रमुख दोषी है। जब आपके शरीर में पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं होते तो आंखों के आसपास की त्वचा बेजान और धंसी हुई दिखने लगती है। इसके अलावा हमारे खान-पान की आदतें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भोजन में नमक की अधिक मात्रा शरीर में पानी को रोकने का काम करती है जिससे आंखों के नीचे पफीनेस या सूजन आ जाती है। लाइफस्टाइल और धूप का प्रभावआज के दौर में स्क्रीन टाइम बढ़ गया है जो आंखों पर दबाव डालता है और समय के साथ पिगमेंटेशन का कारण बन सकता है। धूम्रपान और शराब का सेवन भी त्वचा के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे समय से पहले बुढ़ापा और डार्क सर्कल्स की समस्या बढ़ती है। इसके साथ ही धूप में अधिक समय बिताना भी खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह मेलेनिन के उत्पादन को बढ़ाता है जिससे आंखों के आसपास की त्वचा और गहरी हो जाती है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचाव और सही लाइफस्टाइल अपनाकर आप इस समस्या को कम कर सकते हैं। Post Views: 16 Please Share With Your Friends Also Post navigation इन 3 चीजों को डाइट में करें शामिल, बिना नॉनवेज के पूरी होगी आपको प्रोटीन की जरूरत…