नई दिल्ली। भारतीय घरों में एलोवेरा को एक कुदरती ब्यूटी टॉनिक माना जाता है। मुहांसे, दाग-धब्बे, सनबर्न और रूखी त्वचा जैसी समस्याओं में लोग बिना सोचे-समझे इसे चेहरे पर लगाना शुरू कर देते हैं। ज्यादातर लोगों की धारणा होती है कि प्राकृतिक चीज होने के कारण इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। हालांकि, त्वचा विशेषज्ञों का साफ कहना है कि गलत तरीका, जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल या घटिया क्वालिटी का एलोवेरा जेल त्वचा को सुधारने के बजाय स्थायी रूप से डैमेज कर सकता है। एलोवेरा से मिलने वाले मुख्य फायदे यदि एलोवेरा का सही और सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह त्वचा को कई फायदे पहुंचाता है: गहरी नमी: यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करके रूखापन दूर करता है।मुंहासों पर नियंत्रण: इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को रोकते हैं।सनबर्न में राहत: धूप से प्रभावित स्किन को यह ठंडक देकर तेजी से रिकवर करता है।दाग-धब्बे हल्के करना: नियमित और संतुलित इस्तेमाल से स्किन टोन बेहतर होता है।एंटी-ऑक्सीडेंट सुरक्षा: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ती उम्र के असर को धीमा करते हैं। अंधाधुंध इस्तेमाल के गंभीर नुकसानचेहरे पर बिना पैच टेस्ट या बिना डॉक्टर की सलाह के लगातार एलोवेरा थोपने से ये मुख्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं: एलर्जी और स्किन रिएक्शन: हर किसी की त्वचा एलोवेरा के एलोइन (Aloin) और लेटेक्स घटकों को सहन नहीं कर पाती। इससे खुजली, रेडनेस, जलन, छाले और स्किन पीलिंग (त्वचा की परत निकलना) जैसी स्थिति बन जाती है। अत्यधिक रूखापन (Dryness): लगातार और अधिक मात्रा में लगाने से एलोवेरा त्वचा का प्राकृतिक तेल (Sebum) सोख लेता है। इससे चेहरे पर खिंचाव और समय से पहले झुर्रियां दिखने लगती हैं। बंद पोर्स और ब्लैकहेड्स: बाजार में मिलने वाले कई प्रोसेस्ड जेल में थिकनर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। ये स्किन पोर्स को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे जिद्दी एक्ने और ब्लैकहेड्स की समस्या बढ़ जाती है। केमिकल और सन-सेंसिटिविटी: आर्टिफिशियल कलर, आर्टिफिशियल खुशबू और अल्कोहल वाले जेल से स्किन में पिगमेंटेशन और जलन होती है। इसे लगाकर धूप में निकलने से टैनिंग का खतरा बढ़ जाता है। पौधे से सीधे इस्तेमाल पर इन्फेक्शन: घर में उगे पौधे के ताजे पत्ते को बिना धोए या बिना उसका पीला तत्व (एलो लेटेक्स) निकाले सीधे चेहरे पर लगाने से बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन हो सकता है। विशेषज्ञ की राय“प्राकृतिक होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह हर स्किन टाइप के लिए सुरक्षित है। एलोवेरा में मौजूद एक्टिव कंपाउंड्स संवेदनशील त्वचा पर तुरंत रिएक्शन कर सकते हैं। किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर पूरी तरह आजमाने से पहले कानों के पीछे या कोहनी पर पैच टेस्ट करना अनिवार्य है।”— कंसलटेंट डर्मेटोलॉजिस्ट सुरक्षित इस्तेमाल के लिए 3 जरूरी नियमयदि आप एलोवेरा के साइड इफेक्ट्स से बचकर इसके फायदे लेना चाहते हैं, तो इन बातों पर ध्यान दें: पैच टेस्ट करें: चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर इसे लगाकर जांचें।सीमित उपयोग: दिन में एक बार से ज्यादा इसका इस्तेमाल न करें।शुद्धता जांचें: बाजार से जेल खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वह पैराबेन, सल्फेट और आर्टिफिशियल खुशबू से पूरी तरह मुक्त हो। Post Views: 12 Please Share With Your Friends Also Post navigation चेहरे पर चाहिए कुदरती निखार तो अपनाएं दादी-नानी के बताए ये 5 देसी नुस्खे, त्वचा दिखेगी चमकदार और फ्रेश…