रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद से ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पुलिस और प्रशासन दोनों को हिला दिया है। सुरक्षित रखरखाव के लिए सुपुर्द किए गए 6 LPG कैप्सूल से 90 मीट्रिक टन से ज्यादा गैस गायब मिली, जिसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्लांट मालिक, डायरेक्टर और मैनेजमेंट ने कथित साजिश के तहत मार्च से अप्रैल के बीच एक-एक कर सभी कैप्सूल खाली करा दिए। GPS डेटा, दस्तावेज और कर्मचारियों के बयान के बाद पूरा खेल सामने आया। जांच में अप्रैल महीने में 47 टन खरीद और 107 टन बिक्री का रिकॉर्ड भी मिला, जिससे गड़बड़ी और गहरी हो गई। पुलिस ने मामले में Nikhil Vaishnav को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। अब सवाल ये है कि सुरक्षा के नाम पर रखी गई गैस आखिर किसके इशारे पर बेची गई। Post Views: 106 Please Share With Your Friends Also Post navigation खौफनाक कांड: 4 साल की बच्ची से 65 साल के बुजुर्ग ने किया रेप, फिर पत्थर से कुचलकर मार डाला व्याख्याता, शिक्षकों का हुआ तबादला, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश…