अंबिकापुर। सरगुजा संभागीय स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लटोरी में बीती रात औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था बेहद खराब पाई गई, वहीं आपातकालीन ड्यूटी में तैनात डॉक्टर भी अनुपस्थित मिले। इसके अलावा 5 से 6 कर्मचारी पिछले कई दिनों से बिना सूचना के ड्यूटी से गायब पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागीय स्वास्थ्य विभाग ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने मंगलवार रात सीएचसी लटोरी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति, कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्थिति देखकर अधिकारी भी नाराज नजर आए। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था काफी खराब मिली। वार्डों और परिसर में गंदगी दिखाई दी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित आईईसी फ्लेक्स और सूचना बोर्ड भी पर्याप्त संख्या में नहीं पाए गए। अधिकारियों ने इसे जागरूकता अभियान में लापरवाही माना है। निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला तब सामने आया, जब आपातकालीन ड्यूटी में तैनात डॉ. साव अस्पताल से अनुपस्थित मिले। रात के समय आपातकालीन सेवाओं में डॉक्टर की गैरमौजूदगी को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है। अस्पताल रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया कि 5 से 6 कर्मचारी पिछले तीन से चार दिनों से बिना किसी सूचना या अनुमति के अनुपस्थित चल रहे थे। डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा संबंध आम जनता से होता है, इसलिए कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस में कर्मचारियों से अनुपस्थिति का स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अवैतनिक अवधि घोषित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संभागीय स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई। Post Views: 22 Please Share With Your Friends Also Post navigation शराब के नशे में पति ने की हैवानियत की हदें पार ! पत्नी से मारपीट कर प्राइवेट पार्ट में लोहे का औजार डालने का आरोप…