Diet Tips— दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इस चिलचिलाती गर्मी में शरीर को ठंडा और सेहतमंद रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस मौसम में खानपान में थोड़ी सी भी लापरवाही पेट की बीमारियों का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए रोजाना दही (Curd) को अपनी डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह दी है। दही न सिर्फ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, बल्कि यह शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है।

पोषण का भंडार है दही: पाचन और त्वचा के लिए रामबाण
दही को सिर्फ एक पारंपरिक भोजन के रूप में नहीं, बल्कि सुपरफूड के तौर पर देखा जाता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन B-2, विटामिन B-12, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मी के दिनों में अक्सर लोगों को अपच, गैस और ब्लोटिंग (पेट फूलना) की शिकायत होती है। दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया यानी प्रोबायोटिक्स आंतों की सेहत को सुधारते हैं और भोजन को पचाने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा, दही में मौजूद फैटी एसिड और जिंक त्वचा की नमी बनाए रखते हैं और चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाते हैं।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या है दही खाने का सही समय और तरीका?
“गर्मी के मौसम में दही का सेवन शरीर के लिए अमृत के समान है। लेकिन इसे खाने का सही समय और तरीका पता होना जरूरी है। आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों के अनुसार, दही को हमेशा दिन के समय यानी दोपहर के भोजन में खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। रात के समय दही खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कफ और बलगम की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, दही में बहुत ज्यादा चीनी मिलाकर खाने के बजाय जीरा पाउडर या काला नमक मिलाकर खाना पाचन के लिए ज्यादा बेहतर है।”

—वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ (Clinical Nutritionist), नई दिल्ली

डाइट में शामिल करने के तरीके और सावधानियां
दही को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना बेहद आसान है। सुबह के नाश्ते में आप दही-पोहा या दही-पराठा ले सकते हैं। दोपहर के खाने में एक कटोरी सादा दही या फिर खीरे और बूंदी का रायता शामिल करना एक बेहतरीन विकल्प है। जो लोग गाढ़ा दही खाना पसंद नहीं करते, वे छाछ (Buttermilk) या लस्सी बनाकर पी सकते हैं। छाछ में भुना हुआ जीरा और पुदीना मिलाकर पीने से शरीर तुरंत तरोताजा हो जाता है और लू लगने का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खट्टा या पुराना हो चुका दही खाने से बचें, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग या पेट में इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। हमेशा ताजा और घर का जमा हुआ दही ही इस्तेमाल करें।

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By Chhattisgarh Kranti

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