बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के करपावंड में निजी जमीन की नाप जोख करने पहुंचे राजस्व कर्मचारी और अधिकारियों पर हमले के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर दी गई है। इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन अब गांव में इसे लेकर भी मुद्दा गरमाने लगा है। राजस्व मंडल से केस जीतने के बाद खातेदार ने सरपंच पर बेवजह विवाद करने का आरोप लगाया है। खातेदार ने कहा है कि योजनाबद्द तरीके से यह पूरा हमला कराया और कई बड़ी जमीन की नाप के दौरान उस पर कब्जा होने की बात की गई। जिससे ग्रामीण भड़क गए और यह विवाद हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है की घटना के बाद से जो लोग भी सरपंच के इस काम में साथ नहीं दे रहे हैं, उनका हुका पानी बंद करने की धमकी दी गई है। एक दिन पहले गांव में पानी की सप्लाई भी बंद कर दी गई थी। दरअसल, यह विवाद उस वक्त हुआ जब सरकारी आदेश पर राजस्व विभाग की टीम खाली पड़ी जमीन को नापने पहुंची। वर्तमान में मूल खातेदार के खाते में 10 एकड़ से अधिक की जमीन है, जिसमें से डेढ़ एकड़ की जमीन पूरी तरह से खाली पड़ी हुई है और जब इस जमीन की नाप हुई तो अन्य कब्जदारों ने इस आशंका में राजस्व टीम पर हमला कर दिया। उनकी कब्जे की जमीन पर से भी कब्ज़ा हटाए जाने के लिए टीम मौके पर पहुंची है। मामले मे गांव के भी पूर्व सरपंच परिवार एवं कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि यह प्रायोजित तरीके से कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ की वजह से विवाद खड़ा किया जा रहा है, जिससे गांव की छवि खराब हो रही है और विवाद बढ़ रहा है। Post Views: 11 Please Share With Your Friends Also Post navigation बस्तर के लिए खुले वैश्विक द्वार; 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर