रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026-27 में जैविक खेती की सामग्री खरीदने के लिए जिलों में 10 करोड़ रुपए बांटे गए लेकिन अफसरों ने मिलकर जैविक खेती मिशन में ही घोटाला कर दिया. बीज निगम में जो खाद 470 रुपए में खरीदी जाती थी, उसे जेम के माध्यम से 1100 रुपए में खरीदा गया. यही नहीं हर सामान दोगुने-तीन गुने रेट पर खरीदी की जा रही है. टेंडर की शुरुआत से ही अफसरों ने खेल करना शुरू कर दिया था। जब जिलों में यह टेंडर निकाले गए तब उनकी कैटेगरी दिव्यांगजन, उपहार सामग्री, बैंडमिटन रैकेट जैसी डाल दी गई। यानी उपहार सामग्री की दुकान से जैविक खाद खरीदने का टेंडर निकाला गया। ऐसा अफसरों ने इसलिए किया जिससे प्रतिस्पर्धा न हो और उनकी चहेती कंपनियां ही भाग ले सकें। हुआ भी वही, सात जिलों का काम दो कंपनियों को बांट दिया गया। इसमें एक कंपनी ऑल्विन इंडस्ट्रीज पर डीएमएफ घोटाले में फंसे होने की वजह से ईडी की जांच भी पहले से चल रही है। बंच बिड करके किया खेल जेम में जैविक खेती के 10-20 प्रकार के सामानों की खरीदी करने के लिए बंच बिड निकाली गई। इसमें सभी सामान जिस कंपनी के पास होते हैं, वहीं पार्टिसिपेट कर सकता है। इससे अगर किसी कंपनी के पास एक-दो सामान हैं, तो वह इस प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाता है। अफसरों ने अपने चहेती कंपनियों के पास जो सामान उपलब्ध थे, उन्हीं को बंच बिड के तौर पर निकाला। ऐसे में छोटी कंपनियां इससे बाहर हो गईं। Post Views: 12 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG POLITICS: छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को लेकर कोंग्रेस ने सरकार को घेरा