नई दिल्ली। सनातन धर्म में अधिक मास का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान विष्णु को भी बेहद प्रिय होता है और इस दौरान किए गए कार्य शुभ फलदायी होते हैं।

कहा जाता है कि अधिक मास के दौरान ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। इस महीने में अगर आप कोई वास्तु उपाय करती हैं, तो इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

घर के मुख्य द्वार पर हल्दी के पानी का छिड़काव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, हल्दी सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसे मेंअगर आप आर्थिक समस्याओं से जूझ रही हैं, तो घर के मुख्य द्वार पर गंगाजल में हल्दी को मिक्स करें और इसके पानी को मुख्य द्वार पर आम के पत्ते के इस्तेमाल से छिड़कें। हल्दी के पानी के छिड़काव को करने से घर में पॉजिटिविटी आती है। साथ ही आपके रुके हुए कार्य भी पूरे हो जाते हैं। इसलिए आपको यह उपाय जरूर करना चाहिए। इसे आप शुक्रवार के दिन करेंगी, तो इसका लाभ दोगुना हो जाएगा।

उतर पूर्व कोने को रखें साफ
वास्तु के अनुसार, घर का उत्तर पूर्व कोना धन के आगमन और मानसिक शांति से जुड़ा होता है। अधिक मास में इस स्थान को पूरी तरह खाली और साफ रखें। यहां जल से भरा एक कलश या मिट्टी के बर्तन में पानी और ताजे फूल रखें। इसे प्रतिदिन बदलते रहें। इससे घर में सकारात्मकता आएगी। घर के उतर-पूर्व कोने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा रखकर नियमित दीपक लगाने से भी धन संबंधी सभी परेशानियां समाप्त होती है।

तुलसी पूजन
अधिक मास के दौरान तुलसी का विशेष पूजन भी लाभकारी होता है। अधिक मास या पुरूषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है और भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। वास्तु के अनुसार, घर के आंगन या बालकनी में उत्तर पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा रखकर रोजाना शाम में तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे घर के वास्तु दोष शांत होते हैं और दरिद्रता दूर होती है।

अधिक मास न केवल पूजा-पाठ का समय होता है, बल्कि अपने आस-पास के वातावरण को शुद्ध करने का भी समय है। इन वास्तु उपायों को करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक शांति में भी लाभ मिलता है।

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By Chhattisgarh Kranti

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