नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के प्रदर्शन के बीच कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और सख्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। सरकार अगले सप्ताह में मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है इस बिल में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। बिल में पेपर लीक के मामलों में 10 की सजा और 10 करोड़ के जुर्माना का प्रावधान होगा। NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और मई में NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। पेपर लीक की मांगों के खिलाफ एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन किया था और संसद में भी हंगामा जारी है। इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है। अब तक अलग-अलग राज्यों से 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पेपर लीक पर क्या है कानून? देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। सरकार नए संशोधन कर कानून को और सख्त और प्रभावशाली करने की तैयारी में है। क्या है कानून में नियम देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम लागू है, उसमें यह प्रावधान हैं। पेपर लीक करने पर: 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माना गिरोह शामिल होने पर: 5 से 10 साल जेल और 1 करोड़ तक जुर्माना एजेंसी दोषी होने पर: 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे। Post Views: 20 Please Share With Your Friends Also Post navigation सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन, 3 मांगों पर सरकार की मुहर…