रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने अचानक बदलते हालात को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। यह अलर्ट अगले कुछ घंटों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली और कोरिया जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। साथ ही हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में मौसम का प्रभाव और ज्यादा तीव्र हो सकता है। तेज आंधी, गरज-चमक और संभावित वज्रपात के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अलर्ट अगले तीन घंटों के लिए खासतौर पर लागू है, इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। खासकर खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया है। अगर तापमान की बात करें तो प्रदेश में फिलहाल अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। यहां लू चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम में इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय सिस्टम जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे मौसम अस्थिर बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मिश्रित मौसम स्वास्थ्य के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में लोगों को हाइड्रेटेड रहने, धूप से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। Post Views: 32 Please Share With Your Friends Also Post navigation मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, मुख्यमंत्री की अगुवाई में नया कीर्तिमान सिंघितराई पावर प्लांट हादसे पर अनिल अग्रवाल का दुःख व्यक्त, सुरक्षा मानकों की सख्ती का भरोसा