गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और चिंताजनक तरीका अपनाया है, जिससे स्कूली छात्राएं और उनके परिवार दहशत में हैं। ताजा मामला फिंगेश्वर क्षेत्र का है, जहां 10वीं बोर्ड की एक छात्रा को फोन कर खुद को शिक्षा बोर्ड का अधिकारी बताने वाले ठग ने उसे तीन विषयों में फेल होने की झूठी जानकारी दी और फिर पास कराने के नाम पर मोटी रकम की मांग की। जानकारी के अनुसार, ठग ने छात्रा को फोन कर कहा कि वह बोर्ड परीक्षा में असफल हो गई है, लेकिन यदि वह चाहे तो उसे पास कराया जा सकता है। इसके लिए ठग ने फर्स्ट डिवीजन दिलाने के लिए 25 हजार रुपये और सेकेंड डिवीजन के लिए 8 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा। अचानक आए इस कॉल से छात्रा घबरा गई और मानसिक दबाव में आ गई। हालांकि, छात्रा ने समझदारी दिखाते हुए इस पूरे मामले की जानकारी अपने भाई युवराज निमर्लकर को दी। युवराज ने स्थिति को समझते हुए तुरंत इसे ठगी का प्रयास बताया और परिवार को किसी भी प्रकार की रकम देने से रोक दिया। इस तरह सूझबूझ से एक बड़ा साइबर फ्रॉड होने से टल गया। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। कई अभिभावक और छात्र-छात्राएं ऐसे फर्जी कॉल्स को लेकर चिंतित हैं। आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठग बोर्ड परीक्षाओं के समय का फायदा उठाकर छात्रों की मानसिक स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा बोर्ड कभी भी फोन कर इस तरह पैसे की मांग नहीं करता। यदि किसी को इस तरह का कॉल आता है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें और किसी भी स्थिति में ठगों के झांसे में न आएं। पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को इस तरह के फ्रॉड के बारे में जानकारी दें और उन्हें किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर प्रतिक्रिया न देने की सलाह दें। Post Views: 12 Please Share With Your Friends Also Post navigation घटारानी जंगल में शावकों के साथ बैठी मादा तेंदुए ने युवक पर किया अटैक, इलाके में दहशत