नई दिल्ली। सुबह की शुरुआत अक्सर चाय या कॉफी की चुस्की से होती है, लेकिन आपकी यह आदत सेहत पर भारी पड़ सकती है।निर्देशों के अनुसार, अनजाने में जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर रहा है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि थकान मिटाने के चक्कर में दिन भर कई कप कॉफी पीना ‘कैफीन ओवरडोज’ का कारण बन सकता है, जिससे घबराहट और अनिद्रा जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। उम्र और स्थिति के हिसाब से तय है मात्रास्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि हर व्यक्ति के लिए कैफीन की सुरक्षित सीमा अलग-अलग होती है। FDA के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क के लिए दिन भर में 400 मिलीग्राम कैफीन (लगभग 3 से 4 कप कॉफी) सुरक्षित मानी गई है। हालांकि, यह सीमा हर किसी पर एक समान लागू नहीं होती। टीनएजर्स: बढ़ते बच्चों और किशोरों के लिए 100 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन हानिकारक है। गर्भवती महिलाएं: प्रेगनेंसी के दौरान 200 मिलीग्राम से कम कैफीन लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। ब्रेस्टफीडिंग मदर्स: स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कैफीन से दूरी बनाए रखनी चाहिए या न्यूनतम मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। ज्यादा कैफीन के लक्षण: जब शरीर देने लगे चेतावनी अगर आप तय सीमा से अधिक चाय या कॉफी पी रहे हैं, तो शरीर कुछ शुरुआती संकेत देता है जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसमें सबसे प्रमुख तेज धड़कन (Palpitations), हाथों में कंपन, और पेट की खराबी शामिल है। इसके अलावा, अचानक चिड़चिड़ापन महसूस होना या रात में नींद न आना भी कैफीन की अधिकता का परिणाम है। बदलती लाइफस्टाइल में लोग ऑफिस की डेडलाइन और वर्क प्रेशर के कारण चाय-कॉफी पर निर्भर हो गए हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि शाम 4 बजे के बाद कैफीन का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए ताकि रात की नींद (Sleep Cycle) प्रभावित न हो। यदि आपको सिरदर्द, चक्कर आना या अत्यधिक प्यास जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत कैफीन की मात्रा कम करें और पानी का सेवन बढ़ाएं। प्रशासन अब स्कूलों और कॉलेजों के आसपास हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने पर विचार कर रहा है। Post Views: 19 Please Share With Your Friends Also Post navigation महिलाओं में आयरन की कमी होने पर क्यों नहीं करनी चाहिए प्रेगनेंसी प्लान?