रायपुर। शादी का झांसा देकर कथित दुष्कर्म का शिकार हुई गर्भवती नाबालिग के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने रायपुर सीएमएचओ को मेडिकल बोर्ड गठित करने और 20 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश पर 17 जुलाई को नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। जांच के दौरान एक महिला डॉक्टर और परिवार की एक महिला सदस्य मौजूद रहेंगी। कोर्ट ने यह भी साफ कहा है कि पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जाए और इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही हाईकोर्ट तय करेगा कि नाबालिग का गर्भसमापन (अबॉर्शन) कराया जा सकता है या नहीं। मामले में आरोपी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में है। Post Views: 132 Please Share With Your Friends Also Post navigation अविश्वास प्रस्ताव पर विधानसभा में घमासान, कांग्रेस ने पढ़ा 136 बिंदुओं का आरोप पत्र आय से अधिक संपत्ति के मामले में सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक गिरफ्तार