छत्तीसगढ़ बॉयलर हादसे पर गरमाई सियासत: नवीन जिंदल ने अनिल अग्रवाल के समर्थन में उठाए ‘ड्यू प्रोसेस’ पर सवाल रायपुर। छत्तीसगढ़ के सिंहितराई में हुए दर्दनाक बॉयलर ब्लास्ट हादसे के बाद अब मामला राजनीतिक और औद्योगिक बहस का केंद्र बन गया है। इस बीच, लोकसभा सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। जिंदल ने हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि इस त्रासदी में प्रभावित परिवारों को समुचित मुआवजा, आजीविका सहायता और निष्पक्ष जांच मिलना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदारों की पहचान आवश्यक है, लेकिन यह प्रक्रिया तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए। एफआईआर में अग्रवाल का नाम शामिल किए जाने पर सवाल उठाते हुए जिंदल ने कहा कि बिना जांच पूरी किए किसी शीर्ष उद्योगपति को आरोपी बनाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि संबंधित प्लांट के संचालन में अग्रवाल की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, ऐसे में उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराना उचित प्रक्रिया के खिलाफ है। जिंदल ने विभिन्न क्षेत्रों में लागू मानकों की असंगति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक क्षेत्र या रेलवे में दुर्घटनाएं होती हैं, तो शीर्ष पदाधिकारियों के नाम सीधे एफआईआर में शामिल नहीं किए जाते, इसलिए निजी क्षेत्र के साथ भी समान मानक अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी मामले में पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, उसके बाद साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। इस क्रम को नजरअंदाज करना न्याय व्यवस्था और निवेशकों के विश्वास दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। मामले को व्यापक आर्थिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ते हुए जिंदल ने कहा कि भारत के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उद्योगपतियों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना ठोस आधार के कार्रवाई की जाती है, तो इससे निवेश माहौल प्रभावित हो सकता है। साथ ही, जिंदल ने प्रमुख उद्योग संगठनों—CII, ASSOCHAM, FICCI, PHDCCI और ICC—से इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखने की अपील की। कुल मिलाकर, यह बयान न केवल छत्तीसगढ़ हादसे की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है, बल्कि देश में जवाबदेही, निष्पक्षता और निवेशक विश्वास को लेकर चल रही बहस को भी नई दिशा देता है। The tragedy in Chhattisgarh is deeply painful. 20 families have lost everything. Proper compensation, livelihood support for the families, and a thorough investigation are non-negotiable.But naming Shri @AnilAgarwal_Ved Ji in the FIR before any investigation raises serious… pic.twitter.com/FCXTENN3vs— Naveen Jindal (@MPNaveenJindal) April 18, 2026 Industry chambers @FollowCII, @ASSOCHAM4India, @ficci_india, @phdchamber and @ICC_Chamber, you have a responsibility beyond conferences and policy papers.When due process is bypassed and investor confidence is threatened, as in the case of the baseless FIR filed against Shri… https://t.co/4toxlKkCTW— Naveen Jindal (@MPNaveenJindal) April 18, 2026 Post Views: 28 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG News: विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR दर्ज, माता-पिता से बात करने से रोका, मानसिक प्रताड़ना का समेत कई आरोप…