मुंगेली। फर्जीवाड़ा मामले में प्रधान पाठक को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रधान पाठक पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाया गया है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुंगेली जिले में हुई है। मुंगेली में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है, जिसमें संबंधित शिक्षक के खिलाफ गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला उमरिया, विकासखंड मुंगेली में पदस्थ प्रधान पाठक राजेन्द्र कुमार नेताम के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर विभाग द्वारा जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट 29 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत की गई। जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि संबंधित प्रधान पाठक बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे। इतना ही नहीं, उन्होंने उपस्थिति पंजी में कूटरचना करते हुए फर्जी उपस्थिति दर्ज करने जैसी गंभीर अनियमितता भी की। यह कृत्य न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह मामला छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही यह अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण भी माना गया है। इन्हीं तथ्यों को आधार बनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से श्री नेताम को निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, लोरमी, जिला मुंगेली निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी होगी। इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि शासकीय संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। Post Views: 14 Please Share With Your Friends Also Post navigation सड़क हादसे में टीआई नंदलाल पैकरा की मौत, छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में शोक की लहर