नई दिल्ली। तेल कंपनियों ने आज 01 मई से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपए का इजाफा किया गया है। देश के सभी हिस्सों में ये सिलेंडर अब तीन हजार रुपये से भी अधिक भाव में मिलेगा। सरकार ने मामले में स्पष्टीकरण दिया है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में इजाफा होना बताया गया है। उपभोक्ताओं को राहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत जारी रहेगी, क्योंकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया है। सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने बयान में कहा कि देश में मौजूद 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मार्च के बाद तीन बार बढ़े दाम फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में यह तीसरी वृद्धि हुई है। पहली बार मार्च की शुरुआत में इसकी कीमत में लगभग 115 रुपए की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद 1 अप्रैल को कीमतों को लगभग 200 रुपए और बढ़ाया गया। घरेलू एयरलाइनों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। आईओसीएल के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों ने वैश्विक ईंधन लागत में वृद्धि को वहन करने का विकल्प चुना ताकि एयरलाइनों और यात्रियों को नुकसान से बचाया जा सके। कैसे और कब निर्धारित होते हैं दाम अतिरिक्त शुल्क की दरों में हर पखवाड़े संशोधन किया जाता है और पिछला संशोधन 11 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हुआ था। ये दरें पिछली समीक्षा के बाद की अवधि में प्रचलित कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। केंद्र सरकार ने आज 1 मई, 2026 से शुरू होने वाले अगले पखवाड़े के लिए दरें अधिसूचित कर दी हैं। पेट्रोल और डीजल पर कोई बदलाव नहीं वित्त मंत्रालय ने कहा,“परिणामस्वरूप, डीजल के निर्यात पर शुल्क की दर 23 रुपए प्रति लीटर (एसएईडी – 23 रुपए; आरआईसी – शून्य) होगी। इसके अलावा, एटीएफ के निर्यात पर शुल्क की दर 33 रुपए प्रति लीटर (केवल एसएईडी) होगी। पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क की दर शून्य बनी रहेगी।” मंत्रालय ने आगे कहा कि घरेलू खपत के लिए स्वीकृत पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। Post Views: 20 Please Share With Your Friends Also Post navigation गैस सिलेंडर होगा और भी महंगा; सरकारी सब्सिडी पर भी पड़ सकता है असर, इस रिपोर्ट ने फिर बढ़ाई लोगों की चिंता…