नई दिल्ली। भारत सरकार वर्ष 2027 में होने वाली 16वीं जनगणना को देश के इतिहास की सबसे आधुनिक और तकनीक-आधारित जनगणना बनाने जा रही है। इस व्यापक अभ्यास में 1.4 अरब से अधिक लोगों का डेटा रीयल-टाइम में एकत्र और संसाधित किया जाएगा। Registrar General and Census Commissioner of India के तहत आयोजित यह जनगणना भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया जनगणना 2027 को दो प्रमुख चरणों में संपन्न किया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण (HLO) की प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक चलेगी। इस दौरान देशभर के सभी भवनों की जियो-टैगिंग की जाएगी और प्रत्येक को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी। यह चरण जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने में भी सहायक होगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (PE) फरवरी 2027 में की जाएगी, जिसके लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि माना गया है। हालांकि बर्फबारी वाले क्षेत्रों, जैसे लद्दाख और जम्मू और कश्मीर, में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में ही पूरी कर ली जाएगी। 33 सवालों पर आधारित डिजिटल ढांचा इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें परिवारों से 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों का विवरण, पेयजल, बिजली, ईंधन, संपत्ति और वाहन संबंधी जानकारी शामिल होगी। पहली बार स्मार्टफोन और इंटरनेट उपयोग से जुड़े प्रश्न भी जोड़े गए हैं, जिससे डिजिटल पहुंच का सटीक आकलन किया जा सके। 1931 के बाद फिर होगी जाति गणना इस जनगणना की एक बड़ी विशेषता व्यापक जाति गणना का समावेश है, जो 1931 के बाद पहली बार किया जाएगा। Cabinet Committee on Political Affairs द्वारा अप्रैल 2025 में स्वीकृत इस पहल से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित विभिन्न समूहों के सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिससे कल्याणकारी योजनाओं को अधिक लक्षित बनाया जा सकेगा। आधुनिक तकनीक और डेटा सुरक्षा पर जोर जनगणना प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए Centre for Development of Advanced Computing द्वारा विकसित चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। इनमें स्वयं जनगणना पोर्टल, HLO मोबाइल ऐप (16 भाषाओं और ऑफलाइन सुविधा सहित), तथा उपग्रह आधारित मैपिंग और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी डेटा Digital Personal Data Protection Act 2023 के तहत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के माध्यम से सुरक्षित रखा जाएगा। ‘प्रगति’ और ‘विकास’ होंगे जनगणना के चेहरे जनभागीदारी बढ़ाने के लिए ‘प्रगति’ और ‘विकास’ नामक दो शुभंकर पेश किए गए हैं। जागरूकता अभियान के तहत स्कूलों में कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और स्थानीय घोषणाओं के जरिए लोगों को जोड़ा जाएगा। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए दोपहर में फील्ड विजिट नहीं करने का निर्णय लिया गया है। नीतिगत फैसलों में मिलेगा आधार जनगणना 2027 के आंकड़े कई अहम क्षेत्रों में बदलाव ला सकते हैं। 1971 के बाद पहली बार अद्यतन डेटा के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन संभव है। इसके अलावा, संपत्ति और आय से जुड़े विस्तृत आंकड़े सरकारी योजनाओं के बेहतर वितरण में मदद करेंगे। जियो-टैगिंग डेटा आपदा प्रबंधन में भी त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा। इस प्रकार, जनगणना 2027 को देश के प्रशासनिक और विकासात्मक ढांचे को नई दिशा देने वाला एक निर्णायक कदम होगा। Post Views: 22 Please Share With Your Friends Also Post navigation CG TRANSFER BREAKING : एक झटके में 20 जिलों के ट्रांसपोर्ट अफसर बदले आज से कई बड़े नियमों में बदलाव… बैंकिंग, गैस सिलेंडर, टैक्स और अन्य जरूरी बदलावों का आपके जीवन पर पड़ेगा असर…