रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंत्री पद के साथ मिलने वाली वीआईपी सुविधाओं और प्रोटोकॉल के उपयोग को सीमित करने का बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि सामान्य परिस्थितियों में वे न तो पायलट वाहन का उपयोग करेंगे और न ही फॉलो गाड़ी साथ रखेंगे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनका यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “आर्थिक आत्मरक्षा” और संसाधनों की बचत की अपील से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जब तक परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक केवल अत्यंत आवश्यक स्थितियों में ही सरकारी प्रोटोकॉल और सुरक्षा वाहनों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों का संयमित उपयोग समय की आवश्यकता है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में सरलता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

भाजपा नेता ई-रिक्शे से पहुंचे दफ्तर

इधर, पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर प्रधानमंत्री की अपील का असर प्रदेश भाजपा संगठन में भी देखने को मिला। बुधवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने कई भाजपा पदाधिकारी निजी वाहनों के बजाय ई-रिक्शे से पार्टी कार्यालय पहुंचे। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक के लिए अनुराग अग्रवाल, मुकेश शर्मा, उमेश घोरमेड़ और सुनील चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी एक साथ ई-रिक्शे में कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे। भाजपा नेताओं की यह पहल चर्चा का विषय बनी रही।

मंत्रियों, निगम-मंडलों और अफसरों के लिए जारी होंगे निर्देश

वित्त मंत्री के इस फैसले के बाद राज्य के अन्य मंत्रियों, निगम-मंडलों के अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों पर भी इसी तरह की पहल अपनाने का दबाव बढ़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में सरकार वीआईपी प्रोटोकॉल और सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

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By Chhattisgarh Kranti

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