नई दिल्ली। 12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या मनाई जाएगी। सनातन परंपरा में हर महीने पड़ने वाली अमावस्या तिथि का धार्मिक महत्व होता है। जब यह शुभ तिथि सावन महीने में पड़ती है तो इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान, दान, पितरों का तर्पण और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं जब बात सावन अमावस्या तिथि की आती है तो इस तिथि पर राशि अनुसार दान करने से पितरों का आशीर्वाद तो प्राप्त होता ही है इसके साथ ही सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

सावन अमावस्या पर राशि अनुसार करें इन सामग्रियों का दान
मेष राशि: लाल वस्त्र, मसूर की दाल या तांबे के बर्तन का दान करें।
वृषभ राशि: सफेद चावल, चीनी, दूध और सफेद वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है।

मिथुन राशि: हरी मूंग की दाल, हरे कपड़े या हरी सब्जियों का दान करें।

कर्क राशि: चांदी, दूध, चावल या सफेद मिठाई का दान करें।

सिंह राशि: गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या मौसम के अनुसार लाल फलों का दान करें।

कन्या राशि: हरे पौधे, मूंग की दाल या जरूरतमंद छात्रों को पढ़ाई की सामग्री दान करें।

तुला राशि: सफेद वस्त्र, इत्र, चावल और शक्कर का दान करना शुभ माना जाता है।
वृश्चिक राशि: लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करें।

धनु राशि: पीले अनाज, हल्दी, पीले वस्त्र या किताबों का दान करें।

मकर राशि: काले तिल, सरसों का तेल, जूते-चप्पल या कंबल का दान करना शुभ माना जाता है।

कुंभ राशि: काले तिल, लोहे की सामग्री, छाता या काले वस्त्र का दान करें।

मीन राशि: चने की दाल, पीली मिठाई, बेसन के लड्डू या धार्मिक पुस्तकों का दान करें।

आमावस्या तिथि पर राशि अनुसार दान का महत्व
सावन मास की अमावस्या तिथि पर दान करने का विशेष महत्व है। इस तिथि पर राशि अनुसार दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितरों के आशीर्वाद से घर में सुख समृद्धि आती है। इस तिथि पर राशि अनुसार दान करने से अति पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

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By Chhattisgarh Kranti

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