भगवान भोलेनाथ के प्रिय श्रावण मास और उसमें पड़ने वाली अत्यंत पवित्र ‘मास शिवरात्रि’ के शुभ संयोग में ग्रहों का यह साप्ताहिक गोचर अत्यंत फलदायी रहने वाला है। श्रावण मास की शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना, साधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे उत्तम अवसर होती है। ग्रहों की इस स्थिति और चंद्रमा के इस साप्ताहिक भ्रमण (मिथुन से सिंह राशि तक) के प्रभाव से आपके जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा। आइए जानते हैं श्रावण मास शिवरात्रि के इस पावन सप्ताह में सभी 12 राशियों के लिए ग्रहों की क्या चाल रहने वाली है मेष (Aries) ग्रह स्थिति: पराक्रम भाव (तृतीय) में चंद्रमा, मंगल व गुरु-बुध का प्रभाव।साप्ताहिक फलादेश: सप्ताह की शुरुआत में आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। सप्ताह के मध्य में (11–12 अगस्त) चतुर्थ भाव में चंद्रमा का गोचर माता के स्वास्थ्य और मानसिक सुख-शांति पर प्रभाव डाल सकता है, धैर्य बनाए रखें। अंत में (14–15 अगस्त) प्रेम और संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होंगे।उपाय: हनुमान जी को गुड़ अर्पित करें। वृषभ (Taurus) ग्रह स्थिति: द्वितीय भाव में चंद्रमा व मंगल, तृतीय में गुरु-बुध।साप्ताहिक फलादेश: शुरुआती दिनों में वाणी में कठोरता से बचें, धन लाभ के योग हैं लेकिन अचानक खर्च भी हो सकते हैं। मध्य सप्ताह में छोटी यात्राएं और नए संपर्क आपके लिए लाभदायक सिद्ध होंगे। सप्ताह के अंत में पारिवारिक मामलों में समझदारी से निर्णय लें।उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा करें और सफेद मिठाई का दान करें। मिथुन (Gemini) ग्रह स्थिति: लग्न/प्रथम भाव में चंद्रमा और मंगल का भ्रमण।साप्ताहिक फलादेश: 9 और 10 अगस्त को चंद्रमा आपकी ही राशि में रहेगा, जिससे ऊर्जा और उत्साह बना रहेगा, परंतु मंगल के प्रभाव से जल्दबाजी या गुस्से में निर्णय लेने से बचें। 11 से 12 अगस्त को आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अटका हुआ धन मिल सकता है। सप्ताह के अंत में पराक्रम बढ़ेगा।उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। कर्क (Cancer) ग्रह स्थिति: लग्न में उच्च का गुरु व बुध, द्वादश भाव में चंद्रमा।साप्ताहिक फलादेश: सप्ताह की शुरुआत में अनावश्यक दौड़-भाग और खर्च हो सकते हैं। 11 और 12 अगस्त को चंद्रमा आपकी राशि (प्रथम भाव) में प्रवेश करेगा, जहां पहले से मौजूद गुरु और बुध आपके व्यक्तित्व में निखार लाएंगे और निर्णय क्षमता मजबूत करेंगे। सप्ताह का अंत धन लाभ और परिवार के साथ आनंदपूर्वक बीतेगा।उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। सिंह (Leo) ग्रह स्थिति: प्रथम भाव में वक्री केतु, एकादश भाव में चंद्रमा।साप्ताहिक फलादेश: शुरुआती दिन आय में वृद्धि और मित्रों के सहयोग के संकेत दे रहे हैं। 11-12 अगस्त को व्यय भाव (12वें) में चंद्रमा रहने से बजट बिगड़ सकता है या नींद की समस्या हो सकती है। 14 और 15 अगस्त को चंद्रमा आपकी ही राशि में आएगा, जिससे मानसिक तनाव कम होगा और नया आत्मविश्वास महसूस होगा।उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। कन्या (Virgo) ग्रह स्थिति: प्रथम भाव में शुक्र, दशम भाव में चंद्रमा व मंगल।साप्ताहिक फलादेश: कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी, लेकिन सहकर्मियों के साथ संयम बरतें। मध्य सप्ताह में व्यापार और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। 13 से 15 अगस्त के दौरान खर्चों पर नियंत्रण रखें, स्वास्थ्य का थोड़ा ध्यान रखें।उपाय: पक्षियों को दान-पानी दें। तुला (Libra) ग्रह स्थिति: नवम भाव (भाग्य) में चंद्रमा व मंगल।साप्ताहिक फलादेश: भाग्य का साथ मिलेगा, धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। 11 और 12 अगस्त को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता या पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। सप्ताह का अंत मित्रों के साथ सुखद बीतेगा और आर्थिक लाभ होगा।उपाय: छोटी कन्याओं का आशीर्वाद लें। वृश्चिक (Scorpio) ग्रह स्थिति: अष्टम भाव में चंद्रमा व मंगल, पंचम में वक्री शनि।साप्ताहिक फलादेश: 9 और 10 अगस्त को सेहत और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। मानसिक तनाव हो सकता है। 11 अगस्त से स्थिति में सुधार आएगा, भाग्य का सहयोग मिलना शुरू होगा। सप्ताह के अंत में करियर और कार्यक्षेत्र में उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें। धनु (Sagittarius) ग्रह स्थिति: सप्तम भाव में चंद्रमा व मंगल, अष्टम में गुरु-बुध।साप्ताहिक फलादेश: दांपत्य जीवन और साझेदारी में संवाद बनाए रखें, विवाद से बचें। सप्ताह के मध्य (11-12 अगस्त) में अचानक धन लाभ या शोध कार्य से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। सप्ताह के अंतिम दिनों में यात्रा के योग बनेंगे और रुका हुआ काम पूरा होगा।उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। मकर (Capricorn) ग्रह स्थिति: षष्ठ भाव में चंद्रमा व मंगल, सप्तम में गुरु-बुध।साप्ताहिक फलादेश: शुरुआत में शत्रुओं पर विजय मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं। 11-12 अगस्त को जीवनसाथी और व्यापार में शुभ परिणाम मिलेंगे। सप्ताह के अंत में अष्टम भाव के चंद्रमा के कारण खान-पान पर नियंत्रण रखें।उपाय: शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। कुंभ (Aquarius) ग्रह स्थिति: लग्न में वक्री राहु, पंचम भाव में चंद्रमा।साप्ताहिक फलादेश: संतान पक्ष से जुड़ी चिंता दूर होगी और रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। सप्ताह के मध्य में स्वास्थ्य का ध्यान रखें और कर्ज लेन-देन से बचें। 14 व 15 अगस्त को व्यापारिक साझेदारों के साथ रिश्ते सुधरेंगे और नए अवसर मिलेंगे।उपाय: बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें या राहु के मंत्रों का जाप करें। मीन (Pisces) ग्रह स्थिति: लग्न में वक्री शनि, चतुर्थ भाव में चंद्रमा।साप्ताहिक फलादेश: सप्ताह के आरंभ में घरेलू मामलों में धैर्य रखें, माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 11 व 12 अगस्त को पढ़ाई, प्रेम संबंध और बौद्धिक कार्यों के लिए समय उत्तम रहेगा। सप्ताह के अंत में कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें और अपनी योजनाओं को गुप्त रखें।उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। सप्ताह का ज्योतिषीय संदेश 9 से 15 अगस्त 2026 का सप्ताह केवल अवसरों का नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने का सप्ताह है। कर्क राशि में सूर्य-बुध-बृहस्पति का प्रभाव ज्ञान, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बल दे सकता है, जबकि वक्री शनि पुराने कार्यों और जिम्मेदारियों की ओर ध्यान दिलाएगा।इसलिए इस सप्ताह सफलता का मूलमंत्र रहेगा—“ग्रह अवसर दिखा सकते हैं, लेकिन अवसर को परिणाम में बदलने का कार्य आपके कर्म करते हैं।” आचार्य पं. गिरीश पाण्डेयएस्ट्रोसेज पैनल मेंबरअमरैया पारा पिथौरामहासमुंद छत्तीसगढ़ 7000217167 Post Views: 11 Please Share With Your Friends Also Post navigation सावन अमावस्या पर राशि अनुसार दान करें ये चीजें, पितरों की कृपा से खुल सकते हैं सुख-समृद्धि के द्वार…