नई दिल्ली: घर, ऑफिस या कार को महकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले परफ्यूम, अगरबत्ती और रूम फ्रेशनर कई लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन रहे हैं। अमूमन लोग इन्हें इस्तेमाल करने के बाद होने वाले सिर भारी लगना, सिरदर्द, चक्कर आना, मितली या बेचैनी जैसे लक्षणों को सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई सामान्य थकान नहीं बल्कि तेज गंध के प्रति शरीर की संवेदनशीलता (Fragrance Sensitivity) है। आखिर क्यों ट्रिगर होता है सिरदर्द? परफ्यूम, एयर फ्रेशनर और अन्य सुगंधित उत्पादों को बनाने में कई तरह के सिंथेटिक रसायनों और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCs) का इस्तेमाल किया जाता है। जब हम सांस लेते हैं, तो ये रासायनिक तत्व सीधे हमारी नाक के रास्ते मस्तिष्क से जुड़े तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को प्रभावित करते हैं। जिन लोगों को पहले से माइग्रेन या साइनस की शिकायत होती है, उनमें यह तेज गंध तुरंत तीव्र सिरदर्द को ट्रिगर कर देती है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है। अगरबत्ती का धुआं भी कम खतरनाक नहीं अक्सर घरों और पूजा स्थलों में जलाई जाने वाली अगरबत्ती से न सिर्फ खुशबू, बल्कि बारीक धुएं के कण भी निकलते हैं। बंद कमरे में लगातार अगरबत्ती जलाने से हवा में हानिकारक सूक्ष्म कण जमा हो जाते हैं। इससे संवेदनशील लोगों को आंखों में जलन, नाक-गले में खुजली और सांस लेने में तकलीफ के साथ सिर भारी होने का अनुभव हो सकता है। बंद कमरों में रूम फ्रेशनर बढ़ा रहा है आफत कमरे या हॉल की खिड़की-दरवाजे बंद होने पर रूम फ्रेशनर स्प्रे करने से इसके केमिकल्स हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं। इससे हवा का वेंटिलेशन रुक जाता है, जो असहजता और उल्टी (मितली) जैसी समस्याओं को बुलावा देता है। बचाव के लिए क्या करें? वेंटिलेशन का रखें ध्यान: अगरबत्ती या रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करते समय कमरे के खिड़की-दरवाजे खुले रखें ताकि ताजी हवा आती-जाती रहे। इस्तेमाल कम करें: अगर किसी खास खुशबू से आपको बार-बार सिरदर्द या चक्कर आने की समस्या हो रही है, तो उसका उपयोग तुरंत बंद या बेहद कम कर दें। केमिकल मुक्त विकल्प चुनें: सिंथेटिक परफ्यूम की जगह प्राकृतिक अर्क (Essential Oils) या गंध-मुक्त (Fragrance-free) उत्पादों को प्राथमिकता दें। विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि समस्या गंभीर हो या खुशबू के संपर्क में आते ही माइग्रेन का दर्द असहनीय हो जाए, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। Post Views: 4 Please Share With Your Friends Also Post navigation भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: स्मृति ईरानी बनीं छत्तीसगढ़ और हरियाणा की प्रदेश प्रभारी, सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी