रायपुर। झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुप्पी पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल हवा चलने, पानी गिरने और धूप को लेकर भी जांच की मांग कर सकते हैं, लेकिन झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर नहीं बोल सकते. अगर वह जूता चोरी होने के डर से झारखंड नहीं जा रहे हैं, तो हम उन्हें नया जूता दे देंगे. जो देश का विरोध करते हैं, वो नक्सलाइट है : अजय चंद्राकार लाल किले से पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बयान दिया कि सशस्त्र नक्सलवाद खत्म हो गए, लेकिन वैचारिक नक्सली बाकी हैं. विधायक अजय चंद्राकर ने ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के विरोध की कथित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्र के सम्मान और देशभक्ति से जुड़ी चीजों का विरोध करना एक तरह की नक्सली मानसिकता है. इन्हें राष्ट्र और राज्य की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है और वे अपने एजेंडे को लागू करना चाहते हैं. जो देश का विरोध करते हैं, वो नक्सलाइट है. वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पर सवाल, चंद्राकर ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम के गायन को कथित तौर पर रोकने को लेकर उठे विवाद पर अब अजय चंद्राकर भी कांग्रेस पर हमलावर हो गए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी ही घटनाओं के कारण विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया. वंदे मातरम, राष्ट्र की अस्मिता और देशभक्ति का प्रतीक है. चंद्राकर ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम का अपमान किया गया. यदि कांग्रेस की ओर से यह कहा जा रहा है कि मल्लिकाअर्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाई जा रही थी. अगर राष्ट्रीय गीत का पूरा गायन हुआ था, तो उसे देश की जनता के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. वायरल वीडियो विवाद पर चंद्राकर सोशल मीडिया पर वायरल भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के कथित वीडियो को लेकर धमतरी में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर दर्ज कराई गई है. विधायक चंद्राकर ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा समेत अन्य नेताओं के खिलाफ धमतरी में भाजपा पदाधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय पर्व का राजनीतिक इस्तेमाल किया है और इसके लिए जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. कांग्रेस के पास जनहित का कोई मुद्दा नहीं बचा है और ऐसी राजनीति जारी रही तो जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कांग्रेस नेताओं से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की. अजय चंद्राकर ने कहा कि वायरल किया गया वीडियो कुरुद के प्रशिक्षण शिविर का पुराना वीडियो है, जिसे 15 अगस्त के कार्यक्रम से जोड़कर प्रचारित किया गया. उन्होंने बताया कि इस वर्ष धमतरी में शासन की ओर से उन्हें ध्वजारोहण के लिए अतिथि बनाया गया था और वहां पूरे प्रोटोकॉल के तहत ध्वजारोहण हुआ. उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई प्रशासन से सत्यापित की जा सकती थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने इसे देशभर में वायरल किया. Post Views: 9 Please Share With Your Friends Also Post navigation तिरंगे की जगह BJP का झंडा? अजय चंद्राकर के Viral Video पर मचा हंगामा