SECL दीपका खदान में डंपर में लगी भीषण आग, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार, 2 करोड़ का वाहन खाक कोरबा:- एशिया की सबसे बड़ी और प्रमुख कोयला खदानों में शामिल साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड(SECL) की दीपका मेगा प्रोजेक्ट क्षेत्र से एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है. खदान के भीतर एक डंपर में भीषण आग लग गई. खनन कार्य में लगे एक निजी अनुबंध कंपनी कलिंगा कमर्शियल का ये विशालकाय भारी वाहन था. आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते करीब 1 करोड़ रुपये की लागत वाला यह अत्याधुनिक भारी वाहन जलकर पूरी तरह लोहे के कंकाल में तब्दील हो गया. आसमान में छाया काले धुएं का गुबार जानकारी के अनुसार बुधवार को, कलिंगा कमर्शियल कंपनी का यह डंपर दीपका खदान में नियमित परिचालन में जुटा हुआ था. इसी दौरान अचानक वाहन के इंजन से तेज धुआं उठना शुरू हो गया. कुछ ही पल में स्थिति बेकाबू हो गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. खदान के भीतर से उठे काले धुएं का यह घना गुबार कई किलोमीटर दूर से साफ तौर पर देखा जा सकता था. शॉर्ट सर्किट दुर्घटना का कारण प्राथमिक जांच और आकलन में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है. आग के फैलने की रफ्तार इतनी तेज थी कि मौके पर मौजूद कर्मियों या चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला. यहां तक की वाहन के भीतर रखे अग्निशामक यंत्रों का उपयोग भी वे नहीं कर सके. घटना की सूचना मिलते ही SECL का आंतरिक सुरक्षा दस्ता और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर पूरी तरह काबू पाया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. भारी वाहन पूरी तरह से नष्ट हो चुका था. कंपनी प्रबंधन ने इस भारी-भरकम और अत्याधुनिक वाहन की अनुमानित लागत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी है. सुरक्षा पर सवाल राहत की बात यह रही कि चालक की समय पर दिखाई गई सूझबूझ और तत्परता के कारण हादसा जानलेवा नहीं हुआ. चालक ने वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई. लेकिन इस घटना ने दीपका खदान क्षेत्र में अपनाई जा रही सुरक्षा व्यवस्था और मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन भारी-भरकम वाहनों के नियमित रख-रखाव और समय पर फिटनेस जांच में क्या और कहां लापरवाही बरती जा रही है. Post Views: 6 Please Share With Your Friends Also Post navigation कोरबा के ESIC अस्पताल में डॉक्टर की संदिग्ध मौत, शादी से पहले डॉक्टर ने…