उदयपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 10 अगस्त को ग्राम साल्ही में आदिवासी समुदाय के ग्रामीणों ने कार्यक्रम आयोजित कर अपने अधिकारों, जल-जंगल-जमीन एवं प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का आयोजन बालसाय कोर्राम के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान जीतम सिंह, अमरेश मरकाम, सतीश अग्रवाल, देवलाल यादव, हरि वरकड़े तथा अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उदयपुर के माध्यम से नायब तहसीलदार संजय सारथी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रभावित ग्रामीण परिवारों के हितों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न मांगें रखी गई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि आदिवासी समुदाय का अस्तित्व जल, जंगल और जमीन से जुड़ा हुआ है। प्रभावित क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण एवं परियोजनाओं के कारण ग्रामीणों के सामने आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों और आजीविका का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा एवं पुनर्वास, पात्र परिवारों के बच्चों को रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, प्रभावित परिवारों को आवास एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, बिजली बिल का भुगतान संबंधित परियोजना प्रबंधन द्वारा किए जाने तथा प्रभावित क्षेत्र में प्राप्त CSR राशि का उपयोग स्थानीय विकास में करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्रवाई नहीं की जाए तथा संविधान की पांचवीं अनुसूची और आदिवासी हितों से जुड़े प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाए। ज्ञापन में परसा ईस्ट एवं कांता बासन (PEKB) परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, पात्रता, रोजगार एवं विस्थापित परिवारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यक्रम में साल्ही, हरिहरपुर, घाटबर्रा, केते, बासेन, परसा, घाटबर्रा, सुन्दर, सुसकम, परोगीया, जनार्दनपुर, शिवनगर सहित आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण एवं आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि जल-जंगल-जमीन और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि मौजूद रहे Post Views: 25 Please Share With Your Friends Also Post navigation पेट्रोल पंप के सामने पिकअप ने बाइक सवारों को मारी जोरदार टक्कर, दो युवक गंभीर घायल हायर सेकेंडरी स्कूल उदयपुर में नवनिर्वाचित छात्र संसद का भव्य अलंकरण समारोह संपन्न