रायपुर। छत्तीसगढ़ में झुलसा देने वाली गर्मी और उमस के बीच अब राहत की उम्मीद बढ़ गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश की दहलीज पर पहुंच चुका है और अगले तीन से चार दिनों में इसके कुछ हिस्सों में प्रवेश करने की संभावना है। इसके साथ ही 11 जून से प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के पीछे कई मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। पंजाब से पश्चिम बंगाल तक बनी द्रोणिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और छत्तीसगढ़ तक फैली अन्य मौसमी गतिविधियां वातावरण में नमी बढ़ा रही हैं। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश और मेघगर्जन की घटनाएं बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

बीते 24 घंटों में सरगुजा के अंबिकापुर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। शुरुआती बारिश ने कुछ इलाकों में गर्मी से राहत जरूर पहुंचाई है, लेकिन अधिकांश हिस्सों में तापमान अभी भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। राजनांदगांव 44 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। मानसून के करीब आने के साथ दोपहर और शाम के समय तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। राजधानी रायपुर में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। शहर में आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।

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By Chhattisgarh Kranti

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