बिलासपुर। शहर में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि ट्रैफिक पुलिस ने गर्भवती महिला को अस्पताल ले जा रहे बाइक सवार से 1500 रुपये का चालान वसूला। मामला सामने आने के बाद शहर में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने वायरल वीडियो को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए अपनी सफाई दी है, लेकिन बिलासपुर एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार यह मामला सकरी बायपास क्षेत्र का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया कि ट्रैफिक पुलिस ने एक ऐसे बाइक सवार पर कार्रवाई की, जो गर्भवती महिला को लेकर जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

मामले में ट्रैफिक एडिशनल एसपी ने शुरुआती प्रतिक्रिया में ट्रैफिक जवानों को पूरी तरह पाक-साफ बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो ट्रैफिक पुलिस की छवि खराब करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई जा रही बातें वास्तविकता से अलग हैं।

पुलिस के अनुसार 12 मई 2026 को सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात सुरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सकरी से मुंगेली की ओर जा रही एक बाइक को रोका गया। बाइक पर दो लोग सवार थे और दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। यातायात नियमों के उल्लंघन के चलते हेलमेट संबंधी धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

पुलिस का दावा है कि मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर गलत तथ्यों के साथ वायरल कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में मनगढ़ंत कहानी जोड़कर इसे भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे ट्रैफिक जवानों की छवि प्रभावित हो रही है।

ट्रैफिक विभाग ने यह भी कहा कि भीषण गर्मी और तेज धूप में यातायात पुलिस के जवान लगातार ड्यूटी कर रहे हैं और लोगों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करा रहे हैं। ऐसे में बिना सत्यापन के गलत वीडियो वायरल करना जवानों के मनोबल को प्रभावित करता है।

हालांकि पूरे मामले में बिलासपुर एसएसपी ने संवेदनशील रुख अपनाया है। उन्होंने ट्रैफिक एडिशनल एसपी को मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जांच में यह देखा जाए कि क्या वास्तव में बाइक पर कोई गर्भवती महिला सवार थी और क्या उसे इलाज के लिए ले जाया जा रहा था।

एसएसपी ने कहा कि यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है कि महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तो उस परिस्थिति में चालान की कार्रवाई उचित नहीं मानी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस जवानों को और अधिक संवेदनशील बनाए जाने की जरूरत है, ताकि विशेष परिस्थितियों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जा सके।

एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि मामले की पूरी जांच कर वास्तविकता सार्वजनिक की जाए। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वायरल वीडियो में कितना सच है और पुलिस की कार्रवाई कितनी उचित थी।

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By Chhattisgarh Kranti

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