गरियाबंद। जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के बीच कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने बड़ा आदेश जारी किया है। दोपहिया वाहनों को 300 रुपये और चारपहिया वाहनों को 1000 रुपये तक ही ईंधन देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में पेट्रोल या डीजल देने पर पूरी तरह रोक रहेगी। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।दरअसल, पिछले कुछ दिनों से जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर अफवाहें फैल रही थीं। इन खबरों के बाद कई लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदकर जमा करने लगे थे। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने लगी थीं और कई जगहों पर लोग ड्रम और जेरीकेन में बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाने पहुंच रहे थे। इससे प्रशासन को आशंका हुई कि जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आदेश जारी किया। प्रशासन का कहना है कि जिले में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अफवाहों के कारण अनावश्यक भीड़ और कृत्रिम संकट की स्थिति बन रही है, जिसे रोकना जरूरी है।कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों की लगातार निगरानी की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन न दिया जाए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन जरूरतों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि ड्रम, जेरीकेन और बोतलों में ईंधन देने से आगजनी और सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में ईंधन जमा कर कालाबाजारी किए जाने की संभावना भी रहती है। इसी कारण इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार का संकट नहीं है। Post Views: 46 Please Share With Your Friends Also Post navigation लेडी वकील की हत्या: निर्वस्त्र हालत में मिली महिला अधिवक्ता की लाश, तीन दिन पहले मिले शव पर मचा बवाल… CG में वर्क फ्राम होम लागू करने की मांग, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री- चीफ सेकरेट्री को लिखा पत्र