नई दिल्ली। झुलसाती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच हीटवेव बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। अक्सर खेल-कूद में व्यस्त बच्चे प्यास लगने, थकान या चक्कर आने जैसे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्या का रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और बच्चों की सहनशक्ति कम होने के कारण वे जल्दी हीट एक्सॉशन या हीटस्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं। सबसे बड़ी गलती जो बच्चे और कई बार अभिभावक भी कर देते हैं, वह है तेज धूप में लंबे समय तक बाहर रहना। दोपहर 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक की धूप सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। इस दौरान बच्चों को बाहर खेलने से रोकना बेहद जरूरी है। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर ढककर, हल्के और ढीले कपड़े पहनाकर ही भेजें। पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी एक बड़ी समस्या है। बच्चे अक्सर खेलने में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि पानी पीना भूल जाते हैं। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे समय-समय पर उन्हें पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस देते रहें। कोल्ड ड्रिंक या ज्यादा मीठे पेय पदार्थों से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं। इसके अलावा, खाली पेट बाहर निकलना भी नुकसानदायक हो सकता है। गर्मी से होने वाली बीमारियां: लक्षण और रोकथाम हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर में पसीना आना बंद हो जाता है और शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है. हीट स्ट्रोक के लक्षणों में शामिल हैं- सूखी, गर्म और लाल स्किन और पसीना न आना उच्च शारीरिक तापमान तेज और तीव्र नाड़ी ठंड लगना भ्रम अस्पष्ट बोलना हीट एग्जॉस्टशन शरीर की पानी और नमक की कमी के प्रति प्रतिक्रिया है, जो आमतौर पर पसीने के माध्यम से होती है. हीट एग्जॉस्टशन के लक्षणों में शामिल हैं: अत्यधिक पसीना आना कमजोरी या थकान चक्कर आना और/या भ्रम चिपचिपी त्वचा मांसपेशियों में ऐंठन चेहरे का लाल होना गर्मी में बच्चों को हीटस्ट्रोक से बचाने के आसान उपाय 1. बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं छोटे बच्चों को बार‑बार पानी, दूध या तरल आहार देते रहें. मां का दूध पीने वाले शिशुओं को ज्यादा बार फीड कराएं. 2. धूप में बाहर ले जाने से बचें तेज धूप के समय (दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक) बच्चों को बाहर न ले जाएं. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो: सिर को टोपी या कपड़े से ढकें छायादार जगह चुनें 3. हल्के और ढीले कपड़े पहनाएं बच्चों को: हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनाएं ताकि शरीर को हवा मिलती रहे. 4. कमरे को ठंडा और हवादार रखें पंखे या कूलर का सही इस्तेमाल करें बहुत ठंडी AC हवा सीधे बच्चे पर न डालें कमरे में हवा का प्रवाह बना रहे 5. बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा न नहलाएं गर्मी से आने के बाद बच्चों को तुरंत ठंडे पानी से न नहलाएं. पहले उन्हें सामान्य तापमान पर ले आएं, फिर गुनगुने पानी से नहलाएं. माता‑पिता कौन‑सी गलतियां न करें बच्चों को लंबे समय तक बंद कमरे या गाड़ी में न छोड़ेंबहुत मोटे या सिंथेटिक कपड़े न पहनाएंप्यास लगने का इंतजार न करें, समय‑समय पर पानी दें हीटस्ट्रोक में तुरंत क्या करें ? बच्चे को तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं शरीर को गीले कपड़े से पोंछें पानी या तरल दें (अगर बच्चा पी सकता हो) तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें Post Views: 10 Please Share With Your Friends Also Post navigation गर्मियों में मिलने वाला यह काला फल है डायबिटीज का काल बस जान लें खाने का ये सही तरीका…