बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना को लेकर इन दिनों बड़ी समस्या सामने आ रही है। जहां एक ओर इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था, वहीं अब कई महिलाओं के खाते में पैसा आना अचानक बंद हो गया है। इसके पीछे ई-केवाईसी को अनिवार्य बताया जा रहा है, जिससे अब प्रदेश भर में महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ जारी रखने के लिए ई-केवाईसी जरूरी कर दिया गया है। इसी कारण पिछले कई दिनों से चॉइस सेंटरों में भारी भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं सुबह से ही लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं, लेकिन सर्वर की समस्या उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है। सर्वर डाउन, सिस्टम ठप बिलासपुर शहर के कई इलाकों में जब हमारी टीम ने जाकर स्थिति का जायजा लिया, तो पाया कि सर्वर डाउन की समस्या लगातार बनी हुई है। महिलाओं को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है, फिर भी उनका काम नहीं हो पा रहा। कई महिलाएं निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं। वहि चॉइस सेंटर संचालक ने बताया कि पिछले तीन दिनों से सर्वर की समस्या लगातार बनी हुई है। हम लोग भी परेशान हैं और हितग्राही भी। काम बहुत धीमी गति से हो रहा है। कैसे होगा केवाईसी पूरा? इस बीच महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी स्थिति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विभाग के अनुसार, बिलासपुर जिले में करीब 4 लाख 30 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी किया जाना है, जिसमें अब तक लगभग 37 हजार महिलाओं का ही केवाईसी पूरा हो पाया है। वहि उन्होनें बताया कि जिले में 830 जगहों पर बीएलओ की आवश्यकता है, लेकिन अभी सभी जगहों पर बीएलओ उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। हमें उम्मीद है कि 90 दिनों के भीतर सभी का केवाईसी पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने 90 दिनों का समय दिया है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह काम चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है। सर्वर की समस्या, कर्मचारियों की कमी और बढ़ती भीड़ के चलते महिलाएं परेशान हैं।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते इस समस्या का समाधान कर पाएगा, या फिर महतारी वंदन योजना का लाभ पाने के लिए महिलाओं को यूं ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। Post Views: 43 Please Share With Your Friends Also Post navigation सरकार ने डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी दोगुने से ज्यादा बढ़ाई