राजनांदगांव। पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना के बाद राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक ने कड़ा कदम उठाया है। सोमनी थाना में एक नाबालिग बालिका और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखने तथा बालिका के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने के मामले में थाना प्रभारी और महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, सोमनी थाना प्रभारी अरुण नामदेव ने एक मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नाबालिग बालिका को गर्भवती होने की जानकारी दी थी। बाद में रिपोर्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बालिका और उसके परिजनों को रातभर थाने में रोके रखा गया, जिससे परिवार मानसिक रूप से परेशान रहा। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब ड्यूटी पर तैनात महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह पर नाबालिग के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वयं मामले की समीक्षा में जुटीं और प्रथम दृष्टया लापरवाही तथा अनुचित आचरण पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार थाना प्रभारी अरुण नामदेव और महिला प्रधान आरक्षक राजश्री सिंह को निलंबित कर रक्षित केंद्र (लाइन) अटैच कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। Post Views: 17 Please Share With Your Friends Also Post navigation दिनदहाड़े इस पद्मश्री महिला के साथ हो गया ये बड़ा कांड, मचा हड़कंप, जानिए आरोपियों की साजिश कैसे हुई नाकाम?