रायपुर। शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों को नगर निगम के अधीन लाने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। इसके तहत पहले सभी कॉलोनियों का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा, ताकि वहां मौजूद मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, कमियां मिलने पर उन्हें दूर कराने के बाद ही कॉलोनियों का औपचारिक हस्तांतरण नगर निगम को किया जाएगा। हाल ही में नगर निगम के चीफ इंजीनियर, जोन कमिश्नरों और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि दोनों विभागों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो संबंधित कॉलोनियों का स्थल निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पेयजल व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि कहीं निर्माण संबंधी खामियां, अधूरी परियोजनाएं या खराब व्यवस्था पाई जाती है, तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हाउसिंग बोर्ड को सौंपी जाएगी। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड द्वारा सुधार कार्य पूरा किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुधार कार्यों के पूर्ण होने के बाद ही कॉलोनियों को नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। वर्तमान में इन कॉलोनियों में मरम्मत कार्यों के लिए कोई स्थायी फंड नहीं है, जिसके चलते कई बार रहवासियों से ही राशि वसूली जाती है। लेकिन नगर निगम के अधीन आने के बाद इन क्षेत्रों में विकास और मरम्मत के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग किया जाएगा, जिससे रहवासियों को आर्थिक राहत मिलेगी। पेयजल व्यवस्था में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। फिलहाल अधिकांश कॉलोनियां ट्यूबवेल आधारित जल आपूर्ति पर निर्भर हैं, जिससे गर्मियों में जलस्तर गिरने पर पानी की समस्या बढ़ जाती है। नगर निगम के अधीन आने के बाद इन कॉलोनियों को फिल्टर प्लांट से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में शहर के विस्तार को ध्यान में रखते हुए सेजबहार, बोरियाकला और पिरदा जैसे बाहरी क्षेत्रों की कॉलोनियों को भी भविष्य में नगर निगम सीमा में शामिल करने पर विचार किया गया। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। जिन कॉलोनियों को निगम के अधीन लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, उनमें हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कचना फेस-2, भावना नगर फेस-2, शंकर नगर स्थित स्टूडियो अपार्टमेंट, डूमरतराई के हिमालयन हाइट्स फेस-1 और फेस-2, कमल विहार (इंद्रप्रस्थ), बोरियाखुर्द (सरोना) तथा रायपुरा (हीरापुर) कॉलोनियां शामिल हैं। Post Views: 26 Please Share With Your Friends Also Post navigation अब महतारी वंदन योजना इतने जून तक e-KYC अनिवार्य, नहीं कराया तो रुकेगी अगली किस्त, 69 लाख महिलाओं पर असर… नर्सिंग कॉलेजों की फर्जी मान्यता पर गिरी गाज, रजिस्ट्रार हुई सस्पेंड