बलरामपुर। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच एक बार फिर यह मामला सामने आया है कि कैसे वर्चुअल दुनिया की दोस्ती वास्तविक जीवन में गंभीर खतरे का कारण बन सकती है। छत्तीसगढ़ के रामानुजनगर क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले ने पुलिस और परिजनों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन समय रहते पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, लगभग पांच महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से एक युवक और नाबालिग लड़की के बीच संपर्क स्थापित हुआ। धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती और कथित प्रेम में बदल गई। दोनों के बीच बातचीत केवल फोटो और चैटिंग तक सीमित थी, लेकिन इसी दौरान युवक ने लड़की को अपने जाल में फंसा लिया। 14 मार्च 2026 को नाबालिग अचानक लापता हो गई। परिजनों ने तुरंत रामानुजनगर पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साधनों का सहारा लिया।जांच के दौरान पुलिस ने करीब 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक संदिग्ध कार नजर आई, जिस पर लगा एक छोटा सा झंडा पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। इसके बाद पुलिस ने टोल प्लाजा के डेटा और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। नागपुर व कटनी के टोल प्लाजा से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की टीम महाराष्ट्र तक पहुंच गई।आखिरकार, पुलिस ने सड़क किनारे खड़ी एक कार के पास से नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। मौके से मुख्य आरोपी बंटी सिंह को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।इस पूरे मामले में पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और त्वरित कार्रवाई ने अहम भूमिका निभाई, जिससे नाबालिग को सुरक्षित बचाया जा सका। Post Views: 31 Please Share With Your Friends Also Post navigation ट्रक और ट्रेलर के बीच जोरदार टक्कर, ट्रेलर के केबिन में फंसे चालक की जिंदा जलकर मौत