रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू हुई। सदन की शुरुआत अविभाजित मध्य प्रदेश की पूर्व विधायक मंगलीबाई रावटे को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की गई। उनके निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया और उनके सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को याद किया।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी मंगलीबाई रावटे के निधन पर शोक व्यक्त किया। सदन के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद श्रद्धांजलि प्रस्ताव के पश्चात सदन की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। निर्धारित समय के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और प्रश्नकाल के साथ विधानसभा की कार्यवाही आगे बढ़ी।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने गौवंशीय पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए संचालित योजनाओं को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की संख्या और इस क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी मांगी। इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई।

इस पर जवाब देते हुए पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि राज्य में वर्तमान में गौवंशीय पशुओं की संख्या लगभग 99.84 लाख है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाया जाए, जिसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को सहयोग दिया जा रहा है।

इस दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने चिराग परियोजना को समय से पहले बंद किए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर यह परियोजना निर्धारित समय से पहले क्यों बंद कर दी गई।

मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए कहा कि यह परियोजना मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों के किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में इस योजना के तहत अपेक्षित कार्य नहीं हो पाया और परियोजना लगातार पीछे रह गई। हालांकि वर्तमान सरकार बनने के बाद इसमें सुधार के प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण नोटिस जारी कर अंततः परियोजना को बंद करने का निर्णय लिया गया।

इस पर अजय चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए पूछा कि परियोजना की असफलता के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। मंत्री नेताम ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती की जानी थी, लेकिन इसमें कई स्तरों पर कमियां सामने आईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

वहीं इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि चिराग परियोजना का समर्पण किस तारीख को किया गया था। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि इस योजना के लिए वर्ल्ड बैंक से ऋण प्राप्त हुआ था, लेकिन उसका केवल एक प्रतिशत ही उपयोग किया जा सका। अंततः 26 मार्च 2025 को परियोजना का औपचारिक रूप से समर्पण कर दिया गया।

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By Chhattisgarh Kranti

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