रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक को मिली जान से मारने की धमकी का मामला दोबारा सदन में गूंजा। इस मुद्दे को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाते हुए सरकार से गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कोई विधायक अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस कर रहा है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर विषय है। सदन में इस विषय को उठाते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि विधायक रिकेश सेन ने खुद यह बयान दिया है कि उनकी जान को खतरा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस मामले में स्पष्ट जानकारी दे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करे। भूपेश बघेल के आग्रह पर आसंदी ने मामले को गंभीर मानते हुए संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप को निर्देश दिया कि वे इस विषय पर दुर्ग जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात करें और मामले की जांच कराएं। इसके साथ ही सदन को भी जांच की प्रगति से अवगत कराया जाए। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने सदन को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में दुर्ग के कलेक्टर और एसपी से चर्चा करेंगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और विधायक की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। दरअसल इससे पहले भी इसी मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस हो चुकी है। विधानसभा के शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने यह मामला उठाते हुए सरकार से तत्काल वक्तव्य देने की मांग की थी। जब सरकार की ओर से उस समय स्पष्ट बयान नहीं आया, तो विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया था। उस दौरान भी भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। विपक्ष का कहना था कि यदि कोई विधायक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि पूरे सदन की गरिमा और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। भूपेश बघेल ने सदन में कहा था कि यदि जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वे अपने दायित्वों का निर्वहन कैसे कर पाएंगे। उन्होंने सरकार से स्पष्ट वक्तव्य देने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की थी। Post Views: 20 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ में पूर्व गृहमंत्री के बेटे की गुंडागर्दी! बीच सड़क पर दुकानदार के साथ की ऐसी हरकत, थाने में काटा बवाल