नई दिल्ली। देश में युवा अब एआई की सलाह पर खुद इलाज कर रहे हैं। बिना डॉक्टर को दिखाए लोग ब्लड टेस्ट और बायोप्सी करा रहे हैं। लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर बिना पर्ची के जांच कर रहे हैं। लोग चैटबॉट से पूछकर एंटीबायोटिक और पेनकिलर दवाएं खा रहे हैं। गलत इलाज और दवाओं के साइड इफेक्ट से सेहत बिगड़ रही है। एआई बन रहा नया डॉक्टरदेश में युवा वर्ग सेहत को लेकर एआई पर निर्भर हो रहा है। सामान्य बीमारी के लक्षणों पर लोग तुरंत एआई से सलाह लेते हैं। इसके बाद सीधे लैब जाकर ब्लड टेस्ट और एक्सरे करवा रहे हैं। कुछ मामलों में कैंसर के डर से लोग बायोप्सी तक करा रहे हैं। बिना डॉक्टर की पर्ची के निजी लैब में जांचें बढ़ गई हैं। इससे लैब संचालकों को बड़ा आर्थिक मुनाफा हो रहा है। बिना सलाह दवा खाने के नुकसानएआई की सलाह पर दवा खाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। बिना जांच के दवा लेने से असली बीमारी छिप जाती है। गलत दवाओं के सेवन से गंभीर स्किन एलर्जी हो सकती है। ज्यादा पेनकिलर खाने से लिवर और किडनी खराब हो सकती है। एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल से शरीर में ड्रग रेजिस्टेंस बढ़ रहा है। इससे आगे चलकर सामान्य दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। केस स्टडी से समझें खतराएक तीस साल के युवक के शरीर में सामान्य गांठ थी। उसने एआई से लक्षण पूछकर बायोप्सी कराने का फैसला लिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पाया कि गांठ बिल्कुल सामान्य थी। एक अन्य छात्र सिरदर्द होने पर एआई से पूछकर दवा खा रहा था। लगातार पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेने से वह अचानक बेहोश हो गया। अस्पताल में पता चला कि यह दवाओं का रिएक्शन था। क्या कहते हैं हैरान करने वाले आंकड़ेबीसीजी के सर्वे में 85 फीसदी भारतीयों ने एआई माना। वे डॉक्टर के पास जाने से पहले एआई टूल का इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल लेवल पर यह आंकड़ा केवल 57 फीसदी ही दर्ज किया गया है। आईसीएमआर के अनुसार 77 फीसदी वयस्क एआई का सहारा लेते हैं। रिसर्च के मुताबिक 58.7 फीसदी प्रोफेशनल्स डिजिटल प्लेटफॉर्म से बीमारी का अंदाजा लगाते हैं। इनमें से 21.3 फीसदी लोग बिना सलाह सीधे दवा शुरू कर देते हैं। डॉक्टर से परामर्श बेहद जरूरीशरीर की हर गांठ या दर्द कैंसर या गंभीर बीमारी नहीं होती। एआई चैटबॉट कभी भी विशेषज्ञ डॉक्टर का विकल्प नहीं बन सकता है। लक्षण दिखने पर मरीज को हमेशा डॉक्टर के पास जाना चाहिए। बिना डॉक्टरी परामर्श के कोई भी एंटीबायोटिक या पेनकिलर न लें। Post Views: 10 Please Share With Your Friends Also Post navigation एशियन गेम्स 2026: दूसरे दिन भारत की झोली में आए 4 और मेडल, हिमांशु और रुद्रांक्ष ने निशानेबाजी में चमकाया देश का नाम