वैदिक ज्योतिष में राहू को एक रहस्यमयी, अत्यंत शक्तिशाली और बदलाव का कारक छाया ग्रह माना गया है। राहू जब भी राशि परिवर्तन करते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन, व्यापार और भाग्य पर दिखाई देता है। 5 दिसंबर को राहू कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। मकर राशि पर शनिदेव का अधिपत्य है। शनि की राशि में राहू का यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार, इस बड़े परिवर्तन से पहले यदि राहू देव को प्रसन्न कर लिया जाए, तो आने वाले समय में अशुभ प्रभावों से सुरक्षा मिलती है और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं। 5 दिसंबर के गोचर से पहले राहू को क्यों मनाएं? राहू को कलयुग का प्रमुख कारक ग्रह माना जाता है। यह अप्रत्याशित धन लाभ, राजनीति, सोशल मीडिया, आईटी, रिसर्च और अचानक तरक्की दिलाने वाला ग्रह है। कुंभ से मकर में प्रवेश करने से पूर्व राहू के उपाय करने से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:गोचर के दुष्प्रभावों से बचाव: राशि परिवर्तन के समय होने वाले मानसिक तनाव, निर्णय न ले पाना (Confusion) और अचानक आने वाले संकटों से सुरक्षा मिलती है। करियर और व्यापार में प्रगति: रुका हुआ धन वापस मिलता है और नौकरी या बिजनेस में अटका हुआ काम गति पकड़ता है। मानसिक स्पष्टता: अनजाना डर, अनिद्रा और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। दोषों से मुक्ति: कुंडली में मौजूद राहू-जनित कालसर्प दोष या ग्रहण दोष के प्रभाव खत्म होते हैं। कलयुग में 72,000 जाप से ही मिलेगा पूर्ण फल! शास्त्रों में विभिन्न ग्रहों के मंत्र जाप की संख्या तय की गई है। राहू ग्रह के बीज मंत्र की मूल संख्या 18,000 बताई गई है।लेकिन शास्त्र नियम के अनुसार:“कलयुग में किसी भी मंत्र सिद्धि या पूर्ण शुभ फल प्राप्ति के लिए मूल जाप संख्या का 4 गुना (4X) जाप करना अनिवार्य होता है।”गणित: 18,000× 4 = 72,000इसलिए, यदि आप राहू के गोचर के दौरान उनका पूर्ण आशीर्वाद और अद्भुत सफलता पाना चाहते हैं, तो 5 दिसंबर से पहले कुल 72,000 राहू बीज मंत्रों का जाप (दशांश हवन/तर्पण सहित) संकल्प लेकर पूर्ण कराएं। राहू शांति के सिद्ध मंत्र राहू का तांत्रिक/बीज मंत्र (अत्यंत प्रभावशाली)“ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”(पूर्ण फल हेतु कलयुग में कुल जाप संख्या: 72,000 बार) राहू का पौराणिक मंत्र“अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्।सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥” जाप की सही विधि माला: काले हकीक या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।दिशा: उत्तर-पश्चिम कोण (वायव्य कोण) की तरफ मुख करके बैठें।वस्त्र: नीले या गहरे रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें। राहू को शांत करने के 4 अचूक उपाय जाप अनुष्ठान के साथ-साथ इन उपायों को करने से राहू का शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है: काल भैरव और शिव उपासना: भगवान शिव और काल भैरव की पूजा करने से राहू के सभी नकारात्मक प्रभाव तुरंत निष्प्रभावी हो जाते हैं। शनिवार/बुधवार को दान: शनिवार या बुधवार के दिन काले तिल, उड़द की दाल, काला कपड़ा या लोहे के बर्तन किसी ज़रूरतमंद को दान करें। पक्षियों की सेवा: रोजाना पक्षियों को बाजरा या सात अनाजों का मिश्रण (सप्तधान्य) डालें। पीपल की पूजा: शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। निष्कर्ष (Conclusion) 5 दिसंबर को राहू का कुंभ से मकर राशि में प्रवेश एक बड़ा ज्योतिषीय घटनाक्रम है। इस गोचर से पहले कलयुग के नियमानुसार 72,000 राहू मंत्रों का जाप पूर्ण कराकर आप राहू देव की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में आने वाले संकटों को अद्भुत सफलता में बदल सकते हैं। भागवताचार्य पं गिरीश पाण्डेय(एस्ट्रोसेज पैनल मेंबर)शिवाय एस्ट्रोलॉजी पाइंटअमरैया पारा पिथौरामहासमुंद छत्तीसगढ़ 7000217167(कुंडली विश्लेषण के लिए संपर्क करें) Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation पंचक में गणेश विसर्जन: धार्मिक मान्यताएं, भ्रांतियां और शास्त्रसम्मत सत्य