बिलासपुर। रायपुर से विदेशी युवतियों की गिरफ्तारी का मामला अब हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी किया है। इस मामले में गिरफ्तारी और हिरासत में रखने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर कानूनी सवाल उठाए गए हैं। मामला फरवरी 2026 का है, जब रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित एक होटल में रह रही उज़्बेकिस्तान की कुछ युवतियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उस समय पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, लेकिन अब यह मामला न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन विदेशी नागरिकों को बिना किसी विधिवत FIR दर्ज किए गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के निर्धारित प्रावधानों के खिलाफ है और इससे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। हालांकि, दोनों सरकारों की ओर से अदालत में अतिरिक्त समय की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई जल्द होने की संभावना है, जिसमें सरकारों को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली और विदेशी नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। यदि याचिका में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रशासनिक स्तर पर बड़ी चूक मानी जाएगी। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून लागू करने वाली एजेंसियां सभी प्रक्रियाओं का पालन कर रही हैं या नहीं। खासकर विदेशी नागरिकों के मामलों में नियम और अधिक सख्त होते हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। Post Views: 137 Please Share With Your Friends Also Post navigation कांस्टेबल की मौत से प्राइवेट हॉस्पीटल की व्यवस्था सवालों में, परिजनों ने अस्पताल व डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग की जनगणना सर्वे करने पहुंचे शिक्षक से मारपीट, जान, आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज …