पेंड्रा, 20 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बार फिर बड़ी लापरवाही और लचर रवैया सामने आया है। जिला अस्पताल से गंभीर हालत में सिम्स (SIMS) बिलासपुर रेफर की गई एक प्रसूता को लेकर जा रही 108 संजीवनी एक्सप्रेस आपातकालीन एम्बुलेंस का टायर अस्पताल से महज दो किलोमीटर की दूरी पर ही फट गया। इस गंभीर हादसे ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और वाहनों की फिटनेस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रेफर के तुरंत बाद हुआ हादसाजानकारी के अनुसार, पेंड्रा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र बम्हनी पचासी की रहने वाली दिलेश्वरी बाई को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने जिला अस्पताल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भर्ती कराया था। महिला की यह पहली डिलीवरी थी। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला की तबीयत अचानक अधिक बिगड़ने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। फिटनेस और सुरक्षा पर गंभीर सवालमरीज को लेकर सिम्स बिलासपुर के लिए रवाना हुई 108 एम्बुलेंस अभी जिला अस्पताल से महज दो किलोमीटर दूर ही पहुंची थी कि अचानक उसका टायर फट गया। प्रसव पीड़ा से तड़प रही गंभीर मरीज की जान दांव पर होने के बावजूद आपातकालीन वाहन का इस तरह अनफिट होना प्रशासन के दावों की पोल खोलता है। गनीमत रही कि टायर फटने से कोई बड़ा सड़क हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग और एम्बुलेंस के रखरखाव पर गंभीर लापरवाही को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और परिजनों में इस लचर व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। Post Views: 3 Please Share With Your Friends Also Post navigation छत्तीसगढ़ के स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियों का ऐलान: शिक्षा विभाग ने जारी किया सत्र 2026-27 का कैलेंडर, दशहरा-दिवाली पर इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल